युवा वोटर के लिए सुरक्षा, किसान, नौकरी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अहम मुद्दा

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नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 में पहली बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने जा रहे शहरी युवाओं का नजरिया बिलकुल साफ है। ये युवा वोटर देश के भविष्य के लिए अपना वोट करेंगे। पहली बार वोट करने जा रहे उत्सुक व महत्त्वकांक्षी युवाओं का कहना है कि वह नेताओं से नौकरियों, महिलाओं की सुरक्षा व किसान संकट जैसे असल मुद्दों पर ध्यान देने की उम्मीद करते हैं।

बेहतर कल की उम्मीदों एवं युवा वोटर की चिंताओं को प्रदर्शित करने में सभी एक

युवा जीवन को लेकर अपने लक्ष्यों व करियर के चुनाव में ये सभी भले ही एक-दूसरे से जुदा हों, लेकिन बेहतर कल की उम्मीदों एवं युवा वोटर की चिंताओं को प्रदर्शित करने में सभी एक हैं।  इनमें से ज्यादातर का कहना है कि देश के संसाधनों को धरोहरों व मूर्तियों जैसी चीजों पर खर्च नहीं किया जाना चाहिए। पढ़ाई से करियर के सफर पर जाने को तैयार हरियाणा से लेकर कर्नाटक तक के कई युवाओं ने सार्वजनिक रूप से या सोशल मीडिया पर खुद को स्वतंत्र रूप से अभिव्यक्त करने के अनुभव भी बताए है। इसके साथ ही भावी सांसदों की तरफ से इस विमर्श को बदले जाने की इच्छा जताई।

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चुनाव आयोग के मुताबिक 18-19 आयु वर्ग के 1.5 करोड़ युवा वोटर आगामी चुनावों में पहली बार मतदान के अपने अधिकार का करेंगे प्रयोग

चुनाव आयोग के मुताबिक 18-19 आयु वर्ग के 1.5 करोड़ युवा वोटर आगामी चुनावों में पहली बार मतदान के अपने अधिकार का प्रयोग करेंगे।  कनिका ने कहा हम सभी नौकरियों को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि हम जिन नेताओं व सांसदों को चुनते हैं उन्हें रोजगार परिदृश्य में सुधार करने पर काम करना चाहिए। इसके साथ ही उसने महिलाओं की सुरक्षा को भी बड़ा मुद्दा बताया और आरोप लगाया कि इस मुद्दे को असल में किसी पार्टी ने कभी गंभीरता से नहीं लिया है।

अलग-अलग प्रदेशों के युवाओं की अपनी-अपनी उम्मीदें हैं जो वोट डालते वक्त निर्णयकारी होगी साबित 

कोयंबटूर की मधुमिता प्रियदर्शनी ने कहा कि हर वोट कीमती है। मैं चुनावों का महत्त्व समझती हूं। जब मैं अपना वोट डालूंगी तो किसानों का मुद्दा मेरे लिए सबसे अहम होगा। ऐसे ही अलग-अलग प्रदेशों के युवाओं की अपनी-अपनी उम्मीदें हैं जो वोट डालते वक्त निर्णयकारी साबित होगी। कश्मीर के युवा अपने राज्य में शांति एवं एक स्थिर सरकार चाहते हैं। वहीं कई युवा अभिव्यक्ति की अपनी स्वतंत्रता पर पहरे नहीं चाहते। कुल मिलाकर पहली बार मतदान कर रहे युवा इस बार देश की बेहतरी को मन में रखते हुए युवा वोटर वोट डालने जा रहे हैं।

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