पत्नी के क़त्ल के इल्जाम में पति को भेजा जेल, जब वह जिन्दा निकली तो वापस लेनी पड़ी चार्जशीट

पत्नी
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नागपुर। महाराष्ट्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है जो पुलिस प्रशासन पर कई तरह के सवाल खड़े करता है। यहां पर नागपुर जेल में बंद दीपक सोमकुवर को पुलिस को छोड़ना पड़ा और उनके खिलाफ चार्जशीट पर वापस लेनी पड़ी क्योंकि उनके खिलाफ लगे आरोप गलत साबित हुए। दरअसल 35 वर्षीय दीपक पर पिछले साल अक्टूबर में अपनी पत्नी की हत्या का आरोप लगा था, लेकिन वह जिन्दा मिली वह केम्पटी में अपने एक रिश्तेदार के यहां रह रही थी।

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पत्नी छोड़कर चली गयी थी घर

जानकारी के मुताबिक पिछले साल अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में सोमकुमार और शिल्पा का झगड़ा हुआ था। जिसके बाद नाराज शिल्पा पति का घर छोड़कर चली गई थी। वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने एक सिर कटी महिला की लाश सतरापुर के बोंदरी गांव से बरामद की थी। दीपक की पत्नी लापता थीं और पुलिस को उसके फोन का लोकेशन भी लाश के आसपास मिला था। इस आधार पर पुलिस ने महिला की सिर कटी लाश को शिल्पा मानकर दीपक को गिरफ्तार कर लिया था।

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वापस लौट आयी शिल्पा

वहीं अपने रिश्तेदार के घर रह रही शिल्पा फिर अपने पति के घर वापस लौट आयी। जिसके बाद रामटेक पुलिस ने तत्काल सोमकुमार पर लगे सारे चार्ज वापस लेने पड़े। अब ये मामला सियासी रंग लेता हुआ नजर आ है इस बड़ी लापरवाही पर कांग्रेस कार्यकर्ता और ऐक्टिविस्ट उदयसिंह यादव ने नेता विपक्ष राधाकृष्णा विखे पाटिल को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि इस मामले में ग्रामीण पुलिस की लापरवाही सामने आई है।

इस मामले में कांग्रेस कार्यकर्ता उदयसिंह यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस ने दीपक की चार्जशीट में यह भी कहा कि उसने अपना जुर्म कबूल किया है। सरकार को दीपक और उनके परिवार के साथ हुए अन्याय की क्षतिपूर्ति करनी चाहिए।

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