• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

शाहजहांपुर: जूता मार होली के लिए प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जुटा

Writer D by Writer D
21/03/2021
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, ख़ास खबर, शाहजहांपुर
0
juta maar holi

juta maar holi

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

शाहजहांपुर।  जिस तरह उत्तर प्रदेश के मथुरा के बरसाना और नंदगांव की लट्ठमार होली (लाठी के साथ होली का जश्न) दुनिया भर में प्रसिद्ध है, उसी तरह शाहजहांपुर जिले में हर वर्ष होली के दिन खेली जाने वाली जूता मार होली   की भी एक अलग पहचान है। इसकी तैयारी में पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जुट गया है।

आयोजकों के मुताबिक इस बार लाट साहब दिल्ली से आएंगे जबकि पिछली बार लाट साहब रामपुर से लाए गए थे। होली के दिन भैंसा गाड़ी पर निकलने वाले जुलूस में लाट साहब मुख्य आकर्षण होते हैं।

अपर पुलिस महानिदेशक अविनाश चन्द ने बुधवार रात जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक के अलावा बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ लाट साहब के जुलूस के मार्ग पर फ्लैग मार्च किया तथा अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिए। स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज के इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ विकास खुराना ने बताया कि यहां होली वाले दिन लाट साहब का जुलूस निकलता है और उन्हें भैंसा गाड़ी पर तख्त डालकर बिठाया जाता है। लाट साहब का जुलूस बड़े ही गाजे-बाजे के साथ निकलता है और इस दौरान लाट साहब की जय बोलते हुए होरियारे उन्हें जूतों से मारते हैं।

रंगभेद एक कुरीति है, जो मानवता पर सीधा प्रहार करती है : मौर्य

डॉ खुराना ने बताया,   शाहजहांपुर शहर की स्थापना करने वाले नवाब बहादुर खान के वंश के आखिरी शासक नवाब अब्दुल्ला खान पारिवारिक लड़ाई के चलते फर्रुखाबाद चले गए और 1729 में 21 वर्ष की आयु में वापस शाहजहांपुर आए। वह हिंदू-मुसलमानों के बड़े प्रिय थे और इसी बीच होली का त्यौहार आ गया और तब दोनों समुदाय के लोग उनसे मिलने के लिए घर के बाहर खड़े हो गए। जब नवाब साहब बाहर आए तो लोगों ने होली खेली। बाद में उन्हें ऊंट पर बैठाकर शहर का एक चक्कर लगाया गया इसके बाद से यह परंपरा बन गई। 

उन्होंने बताया कि 1857 तक हिंदू- मुस्लिम दोनों मिलकर यहां होली का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाते थे तथा नवाब साहब को हाथी या फिर घोड़े पर बैठा के शहर में घुमाया जाता था परंतु हिंदू मुस्लिम का यह सौहार्द प्यार अंग्रेजों को रास नहीं आया। डॉक्टर खुराना ने बताया,  इसके बाद 1858 में बरेली के सैन्य शासक खान बहादुर खान के सैन्य कमांडर मरदान अली खान ने एक टुकड़ी के साथ शाहजहांपुर में हिंदुओं पर हमला कर दिया जिसमें तमाम हिंदू मुसलमान मारे गए थे। तब शहर में सांप्रदायिक तनाव हो गया क्योंकि विद्रोह के बाद अंग्रेजों की नीति थी फूट डालो और राज करो।

 विश्व कविता दिवस की उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने दी शुभकामना

डॉक्टर खुराना के मुताबिक 1947 के बाद नवाब साहब के जुलूस का नाम बदल कर प्रशासन ने लाट साहब कर दिया और तब से यह लाट साहब के नाम से जाना जाने लगा। इसी दौरान अंग्रेज यहां से चले गए और फिर अंग्रेजों के प्रति लोगों में जो आक्रोश था उससे ही इस नवाब के जुलूस का रूप विकृत हो गया।

लाट साहब का यह जुलूस चौक कोतवाली स्थित फूलमती देवी मंदिर से निकलता है और वहां लाट साहब मंदिर में मत्था टेकते हैं तथा पूजा अर्चना करते हैं। इसके बाद कोतवाली में सलामी लेते हुए बाबा विश्वनाथ मंदिर में पहुंचते हैं और पुन: यह जुलूस चौक में ही आकर समाप्त हो जाता है।

इसी तरह छोटे लाट साहब का जुलूस थाना राम चंद्र मिशन के सराय से शुरू होकर छोटे राउंड में घूम कर वहीं समाप्त होता है जबकि एक जुलूस जलाल नगर से शुरू होकर रेलवे स्टेशन पर खत्म होता है। इतिहासकार डॉ खुराना ने यह भी दावा किया कि सिविल सर्विस के प्रशिक्षण के दौरान लाट साहब का यह जुलूस पाठ्यक्रम का हिस्सा है तथा कई बार इस जुलूस के समय प्रशिक्षु आईएएस को मौके पर भेजा गया था।

पुलिस अधीक्षक एस आनंद ने  बताया कि होली पर निकलने वाले छोटे तथा बड़े लाट साहब के जुलूस के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से पांच पुलिस क्षेत्राधिकारी, 30 थाना प्रभारी तथा 150 उपनिरीक्षक, 900 सिपाही के अलावा दो कंपनी पीएसी तथा दो कंपनी आरपीएफ तथा दो ड्रोन कैमरों की मांग की गई है जो संभवत 25 मार्च तक यहां आ जाएंगे।

Tags: holi 2021juta maar holi
Previous Post

बैडमिंटन एवं टेबल टेनिस त्रिकोणीय प्रतियोगिता का हुआ शुभारंभ

Next Post

बांग्लादेश से आए तब्लीगी जमात के 11 सदस्यों को स्वदेश भेजा गया

Writer D

Writer D

Related Posts

besan
Main Slider

गर्मियों में भी फेस में निखार लाएगा ये आटा`

24/05/2026
Shani Jayanti
Main Slider

कुंडली में शनि के कमजोर होने पर जीवन में होती हैं ऐसी भयंकर घटनाएं, करें उपाय

24/05/2026
Main Slider

सूर्य देव को अर्घ्य देते समय करें इस मंत्र का जाप, सुख-सौभाग्य की होगी प्राप्ति

24/05/2026
Sattu ke laddu
Main Slider

गर्मियों में ठंडक देंगे ये लड्डू, नोट करें आसान रेसिपी

24/05/2026
CM Yogi
उत्तर प्रदेश

मौसम आपदाओं से निपटने के लिए यूपी में मजबूत होगी चेतावनी प्रणाली

23/05/2026
Next Post
tabligi jamat

बांग्लादेश से आए तब्लीगी जमात के 11 सदस्यों को स्वदेश भेजा गया

यह भी पढ़ें

shot to dead

रंजिश के चलते महिला को दबंगों ने मारी गोली, मेडिकल कॉलेज रेफर

18/10/2020
CM Dhami

वनों की बहुलता वाला प्रदेश है उत्तराखण्ड, वन संपदाओं को आर्थिकी से जोड़ने के करें प्रयास: धामी

12/06/2025
AYUSH Kavach App

आयुष कवच एप पर जुड़ेगा बच्‍चों की सेहत से जुड़ा फीचर, हॉस्पिटल में बनेगी हेल्‍प डेस्‍क

20/05/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version