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शनि जयंती के दिन ये उपाय करने से शनिदेव होंगे प्रसन्न

धर्म डेस्क। आज ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि और शुक्रवार का दिन है | अमावस्या तिथि आज रात 11 बजकर 9 मिनट तक रहेगी |अमावस्या के दिन स्नान-दान और श्राद्ध आदि का बहुत महत्व है | अमावस्या के दिन स्नान-दान या श्राद्ध आदि करने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है, पितर प्रसन्न होते हैं और पितरों के आशीर्वाद से सारे काम पूरे होते हैं |  इसके साथ ही आज शनि जयंती भी है। इस दिन कुछ खास उपाय करके आप भगवान शनि को प्रसन्न कर सकते हैं।

इस दिन स्नान, दान, पूजा के साथ  कुछ विशेष उपाय करने से धन संबंधी क्षेत्र में शनिदेव की कृपा मिलेगी। आज के दिन कुछ विशेष उपाय करके आप नई नौकरी के साथ तरक्की भी पा सकते हैं। जानिए  आचार्य इंदु प्रकाश से कौन से उपाय करना होगा कारगर​।

आंख में किसी भी तरह की समस्या हैं तो एक काले कपड़े में थोड़ी सी उड़द की दाल बांधकर अपने घर के मंदिर के  कोने में रख दें।इसके साथ ही शनि के इस मंत्र का 21 बार जाप करें। मंत्र है –ऊं श्रीं ह्रीं शं शनैश्चराय नम:

अगर आपको संतान का सुख नहीं प्राप्त हो रहा है तो अपने घर की छत या बालकनी पर पक्षियों के लिए दाना-पानी रखें। इसके साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि वह कबूतरों के लिए न हो। साथ ही इस मंत्र का जाप 51 बार करें- ऊं श्रीं ह्रीं शं शनैश्चराय नम:

अगर घर पर या ऑफिस में आपकी बात नहीं सुनी जा रही हैं तो शनिदेव का ध्यान करते हुए घर के मंदिर में एक मुट्ठी साबुल उड़त की दाल चढ़ाएं। इसके साथ ही शनिदेव के मंत्र का 21 बार जाप करें- ऊं श्रीं ह्रीं शं शनैश्चराय नम:

अगर आपको किसी विशेष समस्या को सुलझाने का रास्ता नहीं मिल पा रहा हैं तो आज के दिन अपनी हाथ की लंबाई का तीन गुना ज्यादा काला धागा लेकर माला बना लें और इसे गले में धारण कर लें। साथ ही शनिदेव के मंत्र का 108 बार जाप करें-  ऊं श्रीं ह्रीं शं शनैश्चराय नम:।

नई नौकरी पाना चाहते हैं तो शनि जयंती के दिन सांयकाल में पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल के कम से कम नौ दीपक प्रज्वलित करें। इसके बाद पीपल के पेड़ के उतने ही अनुपात में परिक्रमा करें और शनिदेव से नौकरी परिवर्तन की प्रार्थना करें। इस उपाय से आपको अच्छी नौकरी मिलने के योग बनेंगी।

बिजनेस में बढ़ोत्तरी के लिए भी शनि जयंती का दिन बेहद लाभकारी है। इस दिन भगवान शनि का स्मरण करते हुए ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः का जाप करें और काले तिल अर्पण करें।

शनिदेव की साढ़ेसाती और ढैया वालों के लिए शनि जयंती का दिन विशेष है। इस दिन की पूजा-अर्चना से साढ़े साती और शनि की ढैया से ग्रसित लोग राहत पा सकते हैं और शनिदेव उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव कर सकते हैं। शनि अमावस्या के दिन शनिदेव की विधिवत पूजा अर्चना करें। शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और घर आकर कम से कम 11 माला “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः” का जाप करें।

शिक्षा में सफलता पाने के लिए आज पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और घर लौट आएं। इस दिन चींटियों को आटा खिलाना भी शुभ माना जाता है।

आज के दिन शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए एक बर्तन में सरसों का तेल लें और उसमें अपना चेहरा देखकर इसे तेल को दान कर दें।

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