• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती हुए ब्रह्मलीन, 99 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

Writer D by Writer D
11/09/2022
in मध्य प्रदेश, राष्ट्रीय
0
Shankaracharya Swami Swaroopanand Saraswati

Shankaracharya Swami Swaroopanand Saraswati

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नरसिंहपुर। ज्योतिष पीठ व द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती (Shankaracharya Swami Swaroopanand Saraswati) का आज रविवार को 99 वर्ष की आयु में मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में निधन हो गया है। स्वरूपानंद सरस्वती ने नरसिंहपुर जिले के झोतेश्वर स्थित परमहंसी गंगा आश्रम में दोपहर साढ़े 3 बजे अंतिम सांस ली। शंकराचार्य बीमार चल रहे थे।

स्वरूपानंद सरस्वती ने नरसिंहपुर जिले के झोतेश्वर स्थित परमहंसी गंगा आश्रम में दोपहर साढ़े 3 बजे अंतिम सांस ली। जगद्गुरु शंकराचार्य पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे।

बीते दिनों  स्वरूपानंद सरस्वती ने राम मंदिर निर्माण के लिए लंबी कानूनी लड़ाई भी लड़ी थी। स्वामी शंकराचार्य आजादी की लड़ाई में जेल भी गए थे। जगद्गुरु शंकराचार्य श्री स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती दो मठों (द्वारका एवं ज्योतिर्मठ) के शंकराचार्य थे। स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का जन्म सिवनी जिले में जबलपुर के पास दिघोरी गांव में हुआ था।

स्वरूपानंद सरस्वती जी का जन्म मध्य प्रदेश के सिवनी जिला के बेन गंगा के तट पर स्थित ग्राम दिघोरी में पंडित धनपति उपाध्याय और गिरिजा देवी के घर मे भाद्र शुक्ल तृतीया मंगलवार सम्वत 1982, वर्ष 2 सितंबर 1924 रात्रि में समय हुआ था।उनका बचपन का नाम पोथीराम रखा गया था।

भारत को जानने के लिए संस्कृत का ज्ञान आवश्यक: पद्मश्री चमू

7 साल के उम्र में पिता की मृत्यु होने से वह बुरी टूट गए थे।महज 9 साल की उम्र में उन्होंने घर छोड़ दिया था। वह काशी भी पहुंचे और यहां उन्होंने स्वामी करपात्री महाराज वेद-वेदांग, शास्त्रों की शिक्षा ली। साल 1942 के इस दौर में वो महज 19 साल की उम्र में वह क्रांतिकारी साधु बन गए थे।इस दौरान उन्होंने आजादी की लड़ाई में भी हिस्सा लिया।

स्वामी स्वरूपानंद 1950 में दंडी संन्यासी बनाए गए थे। ज्योर्तिमठ पीठ के ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती से सन्यास दंड की दीक्षा ली थी और स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती नाम से जाने जाने लगे।उन्हें 1981 में शंकराचार्य की उपाधि मिली।

Tags: mp newsNational newsShankaracharya Swami Swaroopanand Saraswati
Previous Post

इन योजनाओं में करें निवेश, मिलेगा शानदार रिटर्न

Next Post

पुलिस के हूटर से डरें अपराधीः सीएम योगी

Writer D

Writer D

Related Posts

Yamuna swells at Syanachatti
Main Slider

उत्तराखंड में बारिश का कहर! यमुनोत्री हाईवे पर भूस्खलन, स्यानाचट्टी में होटलों तक पहुंची यमुना

31/07/2026
shehzad poonawalla
Main Slider

भाजपा में सब ठीक नहीं? शहजाद पूनावाला के बायो ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल

31/07/2026
Building Collapse
क्राइम

बारिश के बीच भरभराकर गिरी चार मंजिला ईमारत, 9 की मौत; रेस्क्यू जारी

31/07/2026
CM Vishnudev Sai
Main Slider

प्रधानमंत्री मोदी से आज मुलाकात करेंगे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय

31/07/2026
CM Dhami
Main Slider

सीएम धामी ने ₹676 करोड़ की विकास योजनाओं को दी मंजूरी

30/07/2026
Next Post
CM Yogi

पुलिस के हूटर से डरें अपराधीः सीएम योगी

यह भी पढ़ें

thieves arrested

लूट के आरोप में दो गिरफ्तार, संवाददाता बताकर गैस एजेंसी के हाकर से की थी लूटपाट

17/01/2021
Sankashti Chaturthi

संकष्टी चतुर्थी पर गणपति को लगाएं इन चीजों का भोग, जीवन में सुख-समृद्धि

28/02/2024
Burnt Alive

खेत में काम कर रही आदिवासी महिला को जिंदा जलाया

03/07/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version