संत सिद्धेश्वर स्वामी ने पद्श्री सम्मान लौटाया वापस, कहा- इसे अन्यथा न लें

संत सिद्धेश्वर स्वामी
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विजयपुर। हार साल की तरह इस साल भी भारत सरकार ने देश के लिए सराहनीय काम करने वालों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया। इसका जिक्र पीएम मोदी ने रविवार को अपने 40 वें और इस साल के पहले मन-की-बात के संस्करण में की। लेकिन ज्ञानयोगाश्रम विजयपुर के संत सिद्धेश्वर स्वामी ने इस सम्मान को लेने से इंकार किया है। जिसको लेकर संत ने पीएम मोदी को पत्र भी लिखा है।

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संत सिद्धेश्वर स्वामी ने लिखा कि….

  • केंद्र सरकार ने संत सिद्धेश्वर को उनके अध्यात्म में अहम योगदान के लिए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • संत ने इसे लेने से इंकार करते हुए लिखा है कि वह एक सन्यासीआध्यात्मिक व्यक्ति हैं।
  • इसलिए उन्हें किसी पुरस्कार की जरुरत नहीं है।
  • यह पुरस्कार उन महान लोगों को दे देना चाहिए।
  • जो देश के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।
  • कृपया उनकी बात को अन्यथा न लिया जाए।
  • संत ने आगे कहा कि आध्यात्मिक व्यक्ति होने के नाते मेरी किसी सम्मान या पुरस्कार में रुचि नहीं है।
  • मैंने पूर्व में भी कोई पुरस्कार स्वीकार नहीं किया है।
  • उन्होंने बताया कि कनार्टक विश्वविद्यालय ने कुछ साल पहले उन्हें मानद उपाधि प्रदान की थी।
  • उसे भी उन्होंने सम्मान पूर्वक लौटा दिया था।
  • संत ने केंद्र सरकार को भेजे पत्र का भी जिक्र किया।

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संत सिद्धेश्वर स्वामी
संत सिद्धेश्वर स्वामी

 

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