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सिलक्यारा सुरंग बचाव के 12 रैट माइनर्स को सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक, गडकरी ने किया सम्मानित

Silkyara tunnel: 12 rat miners receive gallantry medals.

Silkyara tunnel: 12 rat miners receive gallantry medals.

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने बुधवार को उत्तराखंड की सिलक्यारा सुरंग बचाव अभियान में अहम भूमिका निभाने वाले 12 रैट माइनर्स को सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया। इन माइनर्स ने नवंबर 2023 में 17 दिनों तक सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के अभियान में निर्णायक योगदान दिया था।

सिलक्यारा-बड़कोट सुरंग के एक हिस्से के ढह जाने से श्रमिक अंदर फंस गए थे। लंबे और जटिल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रैट माइनर्स ने बेहद संकरे और जोखिम भरे हिस्से में मैनुअल खुदाई कर रास्ता बनाया, जिससे सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। 4.53 किलोमीटर लंबी इस सुरंग का निर्माण कार्य अप्रैल 2025 में पूरा हो चुका है।

‘देश के सबसे कठिन रेस्क्यू अभियानों में से एक’

सम्मान समारोह में नितिन गडकरी ने सिलक्यारा बचाव अभियान को देश के सबसे चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशनों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि पूरे अभियान पर केंद्र सरकार लगातार नजर बनाए हुए थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इसकी नियमित मॉनिटरिंग कर रहे थे। उन्होंने फंसे श्रमिकों की सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।

पाइपलाइन से पहुंचाई गई जरूरी सामग्री

गडकरी ने बताया कि बचाव अभियान के दौरान ढहे हुए हिस्से तक पाइपलाइन पहुंचाना एक अहम उपलब्धि साबित हुई। इसी पाइप के जरिए अंदर फंसे श्रमिकों तक भोजन, पानी, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान लगातार पहुंचाया गया, जिससे वे सुरक्षित बने रहे।

जान जोखिम में डालकर बनाया रास्ता

मंत्री ने कहा कि रैट माइनर्स ने स्वेच्छा से बेहद संकरे और खतरनाक हिस्से में प्रवेश कर हाथों से मलबा हटाया। उनकी बहादुरी, तकनीकी दक्षता और समर्पण की बदौलत सभी 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना संभव हो सका। उनके साहस और सेवा को सम्मानित करने के लिए उन्हें सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक प्रदान किया गया।

चारधाम यात्रा को मिलेगा बड़ा लाभ

सिलक्यारा सुरंग के पूरी तरह चालू होने के बाद चारधाम यात्रा मार्ग पर गंगोत्री और यमुनोत्री के बीच की दूरी करीब 25 किलोमीटर कम हो जाएगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा और पहाड़ी क्षेत्र में आवागमन भी अधिक सुरक्षित और सुगम होने की उम्मीद है।

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