एक बार फिर माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने लिया यू-टर्न

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने लिया यू-टर्न

रांची।  एक साल पहले (जनवरी, 2018 में) लालू प्रसाद यादव को ‘दागदार’ बताते हुए उनके साथ गठजोड़ से इन्कार करने वाले माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने शनिवार को यू-टर्न ले लिया।

रांची के रिम्स अस्पताल में राजद सुप्रीमो से मिलने के बाद येचुरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराने के लिए एक सशक्त महागठबंधन बनायेंगे। येचुरी के साथ हजारीबाग के पूर्व सांसद भुवनेश्वर मेहता भी लालू से मिले। मेहता 2019 के लोकसभा चुनाव में हजारीबाग से चुनाव लडऩा चाहते हैं। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद ने उन्हें आश्वस्त किया है कि हजारीबाग से वही चुनाव लड़ेंगे।

चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता लालू प्रसाद से करीब एक घंटे की मुलाकात के बाद माकपा महासचिव ने कहा कि भाजपा को सत्ता से बेदखल करने के लिए विरोधी दल महागठबंधन बना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि झारखंड देश का एकमात्र राज्य है, जहां किसी कैदी से मिलने के लिए कई जगहों से अनुमति लेनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि देश से भाजपा और पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस की सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए महागठबंधन को सशक्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब हर प्रदेश में गठबंधन होगा।

श्री येचुरी ने कहा कि भाजपा ने देश की हालत बिगाड़ दी है। देश में बड़े पैमाने पर लूट मची है। भाईचारा खत्म हो रहा है। दलितों पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ रही हैं। किसानों के आंदोलन उग्र हो रहे हैं। श्री येचुरी ने कहा कि मजदूरों को औद्योगिक हड़ताल करनी पड़ रही है। दो दिन के औद्योगिक हड़ताल में 20 करोड़ से ज्यादा मजदूर हड़ताल पर रहे। देश का नौजवान उबल रहा है। नरेंद्र मोदी ने सत्ता संभालने से पहले 10 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा था। हुआ इसके उलट। उनके राज में बड़ी संख्या में लोगों की छंटनी हुई है।

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उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन का श्री येचुरी ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के महागठबंधन से देश की राजनीति में बड़ा फर्क आयेगा। लालू प्रसाद की सेहत का हाल जानने आये सीताराम येचुरी ने सीबीआइ निदेशक आलोक वर्मा प्रकरण पर भी भाजपा सरकार को घेरा।

उन्होंने कहा कि सीबीआइ निदेशक वर्मा को हटाने के पीछे भाजपा की साजिश थी। सत्ताधारी दल को डर था कि वर्मा कहीं भाजपा का काला चिट्टा न खोल दें। इसलिए उन्हें पद से हटाने की साजिश रची गयी। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के पूर्व सांसद भुवनेश्वर मेहता और बिस्फी से विधायक डॉ फैयाज अहमद भी लालू प्रसाद से मिले।

मुलाकात के बाद श्री मेहता ने कहा कि हजारीबाग भाकपा की परंपरागत सीट रही है। लालू प्रसाद यादव ने उन्हें आश्वस्त किया है कि हजारीबाग की सीट पर भाकपा ही चुनाव लड़ेगी। भाकपा ने हजारीबाग में भाजपा को दो बार शिकस्त दी है।

ज्ञात हो कि लालू प्रसाद पेरीअर्थराइटिस से जूझ रहे हैं। डॉ डीके झा उनका इलाज कर रहे हैं। 11 जनवरी, 2018 को माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने साफ-साफ कहा था कि 2019 के चुनाव में दागदार लालू से नहीं करेंगे गठबंधन।

उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा था, ‘मेरी पार्टी सांप्रदायिक और भ्रष्टाचार से दागदार किसी दल के साथ गठजोड़ नहीं करेगी। चारा घोटाला के तीन केस में दोषी करार दिये गये बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव रांची में अपनी सजा काट रहे हैं।’

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