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ईएमआई से महंगाई तक आरबीआई गवर्नर की छह प्रमुख बातें, जानें क्या-क्या है राहत?

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को बड़ी राहत देते हुए रेपो रेट में 0.40 फीसदी की कटौती का ऐलान किया है। इससे आम लोगों की EMI कम हो सकती है। इसके साथ ही, RBI ने रिवर्स रेपो रेट घटाकर 3.35 फीसदी कर दिया है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकरंत दास ने प्रेस कॉन्फेंस में कहा कि महंगाई दर अभी भी 4 फीसदी के नीचे रहने की संभावना है, लेकिन लॉकडाउन के वजह से यह बढ़ सकती है।

RBI ने टर्म लोन मोरटोरियम 31 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया

RBI ने टर्म लोन मोरटोरियम 31 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया है। पहले यह 31 मई तक के लिए था। तीन महीने और बढ़ने से अब 6 महीने के मोरटोरियम की सुविधा हो गई है। यानी इन 6 महीने अगर आप अपनी EMI नहीं चुकाते हैं तो आपका लोन डिफॉल्ट या NPA कैटेगरी में नहीं माना जाएगा।

ब्याज दरों में 0.75 प्रतिशत की कटौती

गवर्नर ने बताया कि MPC की बैठक में 6-5 सदस्यों ने ब्याज दरें घटाने के पक्ष में सहमति जताई। इस फैसले से होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन सहित सभी तरह के कर्ज पर ईएमआई सस्ती होगी। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली एमपीसी ने पिछली बार 27 मार्च को रेपो दर (जिस दर पर केंद्रीय बैंक बैंकों को उधार देता है) में 0.75 प्रतिशत की कमी करते हुए इसे 4.14 प्रतिशत कर दिया था।

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एक्सपोर्ट क्रेडिट समय 12 महीने से बढाकर 15 माह किया

वहीं शक्तिकांत दास ने आशंका जताई है कि चालू वित्तीय वर्ष की जीडीपी ग्रोथ रेट नेगेटिव रह सकता है। सिडबी को 15000 करोड़ रुपये के इस्तेमाल के लिए 90 दिनों का अतिरिक्त समय मिलेगा। एक्सपोर्ट क्रेडिट समय 12 महीने से बढाकर 15 माह किया जा रहा है।

गवर्नर ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से महंगाई बढ़ने की आशंका

गवर्नर ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से महंगाई बढ़ने की आशंका है। अनाजों की आपूर्ति एफसीआई से बढ़ानी चाहिए। देश में रबी की फसल अच्छी हुई है। जबकि बेहतर मॉनसून और कृषि से काफी उम्मीदे है। मांग और आपूर्ति का अनुपात गड़बड़ाने से देश की अर्थव्यवस्था थमी हुई है। सरकारी प्रयासों और रिजर्व बैंक की तरफ से उठाए गए कदमों का असर भी सितंबर के बाद दिखना शुरू होगा।

रेपो रेट अब 4.4 से घटक 4.0 फीसद

रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 40 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है। रेपो रेट अब 4.4 से घटक अब 4.0 फीसद हुआ। वहीं आरबीआई ने रिवर्स रेपो दर को घटाकर 3.35% कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने बैंक ब्याज दरों में 0.4 फीसद की कटौती की है।

बिजली व पेट्रोलियम उत्पाद की खपत में गिरावट

RBI गवर्नर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू करते हुए कहा कि हमें यह भरोसा रखना होगा कि भारत इस मुश्किल वक्त से उबर जाएगा। कोरोना की वजह से आर्थिक नुकसान हुआ है। वहीं भारत में बिजली व पेट्रोलियम उत्पाद की खपत में गिरावट हुई है। आरबीआई ने कहा कि 6 बड़े प्रदेशों में औद्योगिक उत्पादन गिरा है। कोरोना की वजह से आर्थिक नुकसान हुआ है। मार्च में सीमेंट का उत्पादन गिरा है।

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास पिछले दो महीनों में की यह तीसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस है। कोरोनावायरस संबंधी उपायों से निपटने के लिएआरबीआई गवर्नर ने पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस 27 मार्च और दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस 17 अप्रैल को की थी। इन दोनों प्रेस कॉन्फ्रेंस में गवर्नर ने अर्थव्यवस्था में तेजी लाने और बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए कई उपायों की घोषणा की थी।

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