बाजार की उठापटक से धीमी हुई म्युचुअल फंड की रफ्तार

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आइएलएंडएफएस संकट और शेयर बाजार की भारी उठापटक ने म्युचुअल फंड उद्योग की रफ्तार को धीमा कर दिया है। इस वर्ष अक्टूबर की समाप्ति पर इसमें सितंबर के मुकाबले मात्र एक फीसद की वृद्धि दर्ज की है। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड इंडस्ट्री (एम्फी) के आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर में म्युचुअल फंड उद्योग का असेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 22.23 लाख करोड़ रुपये रहा। सितंबर में उद्योग का एयूएम 22.04 लाख करोड़ रुपये था।

एम्फी के सीईओ एनएस वेंकटेश का कहना है कि बाजार में तेज उतार-चढ़ाव के बावजूद म्युचुअल फंड उद्योग ने काफी लचीला रुख बनाए रखा। डेट व इक्विटी फंड्स में उठापटक के बीच उद्योग एक फीसद की वृद्धि करने में सफल रहा। वेंकटेश के मुताबिक म्युचुअल फंड में खुदरा निवेशकों की संख्या में पिछले वर्ष के मुकाबले 30 फीसद का सुधार देखने को मिला है। साथ ही सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआइपी) में लगातार वृद्धि का रुख बना हुआ है।

इस सेग्मेंट का निवेश सितंबर के 7,727 करोड़ से बढ़कर अक्टूबर में 7,985 करोड़ रुपये हो गया है। अक्टूबर में उद्योग में 35,529 करोड़ रुपये का नया निवेश आया। सितंबर में निवेशकों ने म्युचुअल फंड्स से 2.3 लाख करोड़ की बड़ी राशि निकाली थी। मूल रूप से यह इन्फ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (आइएलएंडएफएस) के वित्तीय संकट में आने की वजह से हुआ था जिसमें बड़े स्तर पर कॉरपोरेट निवेशकों ने फंड निकाले थे।

अक्टूबर में म्यूचुअल फंड में हुए कुल निवेश में से इक्विटी फंड में 14,800 करोड़ का निवेश आया। वहीं, इनकम फंड से निवेशकों ने 37,600 करोड़ की निकासी कर ली। 

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