• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

कोविड वैक्सीन को नाकाफी मानते हैं दुनिया के कुछ वैज्ञानिक

Writer D by Writer D
08/12/2020
in Main Slider, ख़ास खबर, राष्ट्रीय, विचार
0
corona vaccine

corona vaccine

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

मुकुल व्यास

कोविड वैक्सीन की दिशा में प्रगति के आशाजनक संकेत मिलने के बाद दुनिया में फैली इस महामारी को थामने की उम्मीद बढ़ गई है। लेकिन दुनिया के कुछ वैज्ञानिक कोविड वैक्सीन को नाकाफी मानते हैं। उनका इरादा एक ऐसी वैक्सीन बनाने का है जो न सिर्फ सिर्फ कोविड से बचाव करेगी बल्कि दूसरे कोरोना वायरसों से भी निपटेगी जिनसे सार्स, मेंर्स और सामान्य सर्दी जुकाम जैसी बीमारियां उत्पन्न होती हैं।

ऐसी वैक्सीन बनाना आसान नहीं है। तकनीकी और वित्तीय दृष्टि से यह बहुत ही चुनौतीपूर्ण प्रॉजेक्ट है। अभी तक किसी ने भी इस तरह की संपूर्ण वैक्सीन बनाने की कोशिश नहीं की है, हालांकि कुछ वैज्ञानिक यूनिवर्सल फ्लू वैक्सीन और एड्स वैक्सीन पर काम कर रहे हैं। कोविड-19 के विश्वव्यापी प्रभाव को देखते हुए एक संपूर्ण कोरोना वायरस वैक्सीन की जरूरत बहुत बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की वैक्सीन न सिर्फ ज्ञात कोरोना वायरसों से उत्पन्न होने वाली बीमारियों से बचाव करेगी बल्कि भविष्य में जानवरों से मनुष्य में जंप करने वाले दूसरे वायरसों से फैलने वाली महामारियों की रोकथाम में भी काम आएंगी।

अतुल बाजपेयी समेत यूपी  के 6 युवा साहित्यकारों को मिलेगा प्रताप नारायण मिश्र अवॉर्ड

अमेरिका की एडाजियो कंपनी की चीफ सांइटिफिक ऑफिसर डॉ. लॉरा वाकर का कहना है कि दुनिया में कोरोना से हुई मौतों की भारी तादाद को देखते हुए हमें अभी से भविष्य के बारे में सोचना चाहिए। इसका व्यावहारिक तरीका यह है कि हम पहले से कोई चीज तैयार रखें। उन्होंने कहा कि सार्स जैसे वायरस चमगादड़ों की आबादी में मौजूद हैं और इनमें से कुछ मानव कोशिकाओं को संक्रमित करने में समर्थ पाए गए हैं। इसलिए हमें ऐसी वैक्सीनों और एंटीबॉडी थेरपी की जरूरत है जो हमें अतीत, वर्तमान और भविष्य के कोरोना वायरसों से बचा सकें। वॉकर की कंपनी इस समय दो सार्स वायरसों और भविष्य में प्रकट होने वाले दूसरे कोरोना वायरसों को निष्प्रभावी करने के लिए एंटीबॉडी थेरपी विकसित कर रही है।

शादीशुदा महिला के साथ मकान मालिक और उसके भाई ने किया दुष्कर्म, आरोपी फरार

संपूर्ण कोरोना वैक्सीन पर काम करने वाली एक कंपनी वीबीआई वैक्सींस के प्रमुख अधिकारी जैफ बैक्सटर का कहना है कि एक बार कोविड वैक्सीन बनने के बाद सार्स-कोव-2 वायरस में म्यूटेशन अथवा परिवर्तन हो सकता है। सार्स वायरस नई स्थितियों में खुद को ढालने में काफी सक्षम होते हैं। ऐसी स्थिति में उनमें काफी परिवर्तन होते हैं। सार्स-कोव-2 के म्यूटेशनों या कोरोना वायरस के परिवार से बचाव के लिए कोई संपूर्ण वैक्सीन बनाने से पहले वैज्ञानिकों को इन सभी वायरसों में ऐसी समान जगह ढूंढनी पड़ेगी, जिन पर एंटीबॉडीज अपना निशाना साध सके। शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली ‘ब्रॉडली न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडीज’ के जरिए वायरस की विभिन्न किस्मों पर हमला बोल सकती है। ब्रॉडली न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडीज दरसअल वे एंटीबॉडीज हैं जो वायरस की विभिन्न किस्मों को निष्प्रभावी कर सकती हैं।

अमेरिका के स्क्रिप्स रिसर्च संस्थान में इम्यूनोलॉजी और माइक्रोबायॉलजी के विभागाध्यक्ष प्रो. डेनिस बर्टन ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने एचआईवी और इन्फ्लूएंजा के खिलाफ ब्रॉडली न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडीज देखी हैं। इससे यह अंदाज लगाया जा सकता है कि उन वायरसों को भी निशाना बनाना संभव है, जो एक-दूसरे से थोड़े भिन्न हों। मसलन अगर हम सार्स-कोव और सार्स-कोव-2 वायरसों के खिलाफ ब्रॉडली न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडीज उत्पन्न कर सकें तो हम इनका प्रयोग दोनों वायरसों के खिलाफ कर सकते हैं। इनका प्रयोग सार्स-कोव-3 के खिलाफ भी हो सकता है जिसे अभी हमने नहीं देखा है। लेकिन यह काम आसान नहीं है। विभिन्न कोरोना वायरसों के खिलाफ काम करने वाली न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडीज की पहचान करने के बाद वैज्ञानिकों को यह देखना होगा कि इनका प्रयोग वैक्सीन के रूप में किस प्रकार किया जा सकता है। इस काम में कई साल लग सकते हैं।

राम मंदिर के तर्ज पर बनेगा अयोध्या का भव्य रेलवे स्टेशन, 25 हजार यात्रियों की होगी क्षमता

इस समय कम से कम पांच कंपनियां कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीन बनाने में जुटी हैं। फिलहाल ये सारे प्रयास प्रारंभिक अवस्था में है। दुनिया में जब भी कोई महामारी फैलती है, हर प्रयोगशाला में रिसर्च शुरू हो जाती है। यदि लॉकडाउन या हर्ड इम्यूनिटी की वजह से वायरस थमने लगता है तो रिसर्च कार्यों के लिए फंडिंग कम होने लगती है और लोग भी ढीले पड़ जाते हैं। 18 साल पहले सार्स महामारी के वक्त भी ऐसा ही हुआ था। आज हालात ज्यादा संगीन हैं। इसलिए भविष्य के लिए तैयारी अभी से करनी होगी।

Tags: Corona vaccineCorona vaccine updatescorona virus updates in hindi
Previous Post

मोदी सरकार की हर योजना समाज में जरूरतमंदों के सशक्तिकरण पर केंद्रित है : नकवी

Next Post

जानें कब है उत्पन्ना एकादशी, तिथि, मुहूर्त, व्रत विधि और महत्व

Writer D

Writer D

Related Posts

Absconded
Main Slider

ये संकेत बताते हैं की आप एकतरफा प्यार

20/05/2026
Diabetes
Main Slider

इन मीठी चीज़ो का लुत्फ़ उठा सकते हैं डायबिटीज के मरीज, शुगर लेवल भी नहीं बढ़ेगा

20/05/2026
bleach
Main Slider

ब्लीच की जलन से मिलेगी राहत, आजमाएं ये उपाय

20/05/2026
CM Dhami
Main Slider

नंदा राजजात और 2027 कुंभ की तैयारी पर CM धामी का फोकस

19/05/2026
Bageshwar
राजनीति

मुख्यमंत्री धामी की सोच है कि विकास की रोशनी प्रदेश के अंतिम छोर तक पहुंचे: डॉ. आर. राजेश कुमार

19/05/2026
Next Post
Utpanna Ekadashi 2020

जानें कब है उत्पन्ना एकादशी, तिथि, मुहूर्त, व्रत विधि और महत्व

यह भी पढ़ें

avalanche

उत्तरकाशी: हिमस्खलन से 8 प्रशिक्षुओं का रेस्क्यू, 4 के शव बरामद

04/10/2022
arrested

दंपत्ति का विवाद सुलझाने गई पुलिस टीम को घर में मिला कुछ ऐसा की उड़ गए होश

22/08/2021
Air Pollution

इस राज्य ने ट्रकों की एंट्री पर लगाई रोक, इन पर भी लगाई पाबंदियां

17/11/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version