सपा-बसपा गठबंधन का एलान आज, करेंगे प्रेस कांफ्रेंस

Loading...

लखनऊ। लोकसभा चुनाव के लिए सपा-बसपा गठबंधन का शनिवार को औपचारिक एलान हो सकता है। लेकिन अभी किसी तरफ से गठबंधन की घोषणा करने की जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा मुखिया अखिलेश यादव की शनिवार को यहां एक होटल में होने जा रही साझा पत्रकार वार्ता को देखते हुए माना जा रहा है कि दोनों नेता लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ने का एलान कर देंगे। खास बात यह है कि सपा-बसपा के गठबंधन के एलान के लिए साझा प्रेस कांफ्रेंस उसी जगह होने जा रही है जहां 2017 के विधानसभा चुनाव के लिए राहुल गांधी व अखिलेश यादव ने साझा प्रेस कांफ्रेंस करके गठबंधन की घोषणा की थी।

ये भी पढे :-आज का राशिफल 

लगभग पच्चीस वर्षों बाद सपा और बसपा मिलकर चुनाव लड़ेंगे। जहां तक लोकसभा चुनाव का सवाल है तो पहली बार दोनों पार्टियां परस्पर गठबंधन करके मैदान में उतरने जा रही हैं। इससे पहले 1993 में दोनों पार्टियों ने विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन किया था। उस समय यह गठबंधन बसपा के तत्कालीन सर्वेसर्वा कांशीराम और सपा के उस समय मुखिया मुलायम सिंह यादव के बीच बातचीत के बाद हुआ था। हालांकि मायावती भी उस समय सक्रिय राजनीति में आ चुकी थीं और कांशीराम के बाद बसपा में महत्वपूर्ण भूमिका में थीं। संयोग यह है कि तब भी भाजपा को रोकने के लिए दोनों दल एक साथ आए थे और इस बार भी गेस्ट हाउस कांड की दुश्मनी को भुलाकर भाजपा को रोकने के लिए ही दोनों दल एक साथ आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि सपा और बसपा के बीच 37-37 सीटों पर सहमति बनी है। दो सीटें रायबरेली व अमेठी कांग्रेस के लिए छोड़ने का फैसला किया गया है। शेष सीटें रालोद व गठबंधन में शामिल होने वाले अन्य दलों को दी जा सकती हैं।

ये भी पढे :-नोटेबन्दी और जीएसटी का असर, बिकने जा रही है देश कि नंबर 1 एवरेडी कंपनी 

राष्ट्रीय लोकदल के किसी नेता के कल की प्रेस कांफ्रेंस में शामिल होने के बारे में अभी तक कोई सूचना नहीं है। पर, चौधरी अजित सिंह और उनके पुत्र जयंत के रुख से रालोद का भी इस गठबंधन में रहना तय माना जा रहा है।

पहले गठबंधन की औपचारिक घोषणा 15 जनवरी को बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा मुखिया अखिलेश यादव की पत्नी डिम्पल यादव के जन्मदिन के मौके पर होनी थी। पर, उसी दिन कुंभ का पहला और महत्वपूर्ण स्नान है, इसीलिए गठबंधन की औपचारिक घोषणा की तारीख बदली गई।

रालोद का भी इस गठबंधन में शामिल रहना लगभग तय है। रालोद प्रमुख चौधरी अजित सिंह ने शुक्रवार को यह तो स्वीकार किया है, कि गठबंधन तय है लेकिन सीटों के बंटवारे पर अभी निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने कांग्रेस के इस गठबंधन में शामिल होने या न होने पर भी कहा है कि सपा और बसपा बड़े दल है। वही इस बारे में तय करेंगे। याद रहे कि मंगलवार को अजित सिंह के पुत्र और रालोद उपाध्यक्ष जयंत लखनऊ में सपा मुखिया अखिलेश यादव से मिले थे। उन्होंने भी कहा था कि गठबंधन तय है लेकिन सीटों पर अभी कोई बात नहीं हुई है। हालांकि सूत्रों के अनुसार रालोद ने छह सीटें मांगी है पर उसे तीन-चार सीटें मिल सकती हैं।

Loading...
loading...

You may also like

श्रीलंका सैलानियों के लिए है पूरी तरह से सुरक्षित : जैकलिन

Loading... 🔊 Listen This News नई दिल्ली। ‘मिस