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राजभर पर भड़कीं सपा सांसद रुचि वीरा, बोलीं – खुद साइकिल पर बैठने को तैयार हैं मंत्रीजी

Ruchi Veera-OP Rajbhar

Ruchi Veera-OP Rajbhar

मुरादाबाद में आयोजित समाजवादी पार्टी (सपा) के ‘पीडीए सम्मेलन’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत में गर्माहट आ गई है। सम्मेलन के बहाने सुभासपा प्रमुख व कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर और मुरादाबाद से सपा सांसद रुचि वीरा (Ruchi Veera) के बीच जुबानी जंग बेहद तेज हो गई है। राजभर ने जहाँ सपा में एक बड़ी बगावत और टूट का दावा किया है, वहीं रुचि वीरा ने पलटवार करते हुए खुद राजभर और भाजपा के कई सांसदों के सपा के संपर्क में होने की बात कहकर नया राजनीतिक शगूफा छोड़ दिया है।

दरअसल, इस पूरे विवाद की शुरुआत 14 जून को मुरादाबाद ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में हुए पीडीए सम्मेलन से हुई थी। चर्चा उड़ी कि नव-निर्वाचित सांसद रुचि वीरा को इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में आमंत्रित ही नहीं किया गया। इस पर खुद रुचि वीरा (Ruchi Veera) ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि वह उस दिन मुरादाबाद में ही मौजूद थीं, लेकिन उन्हें कार्यक्रम की कोई सूचना तक नहीं दी गई। उन्होंने इस अंदरूनी खींचतान के मामले को सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के सामने उठाने की बात भी कही थी।

राजभर का आरोप: “सपा में होगा बड़ा विस्फोट”

इसी घटनाक्रम को ढाल बनाकर ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया पर सपा नेतृत्व को घेरा। राजभर ने दावा किया कि मुरादाबाद की यह घटना कोई मामूली बात नहीं है, बल्कि यह सपा के भीतर चल रहे गहरे अंतर्विरोधों की एक छोटी सी झलक है। उन्होंने सीधे आरोप लगाया कि सपा नेतृत्व केवल ‘पीडीए’ का नारा देता है, लेकिन असलियत में वह अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और दलित समाज के नेताओं को कोई सम्मान नहीं देता। पार्टी के भीतर सांसदों और बड़े नेताओं में असंतोष चरम पर है, जिसके कारण आने वाले समय में समाजवादी पार्टी ताश के पत्तों की तरह टूट सकती है।

रुचि वीरा (Ruchi Veera) का पलटवार: “सपा को टीएमसी न समझें, खुद राजभर हमारे संपर्क में”

राजभर के इन तीखे आरोपों पर मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा (Ruchi Veera) ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने राजभर के बयानों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ओम प्रकाश राजभर को राजनीतिक रूप से गंभीरता से लेने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा:

“समाजवादी पार्टी पूरी तरह एकजुट है और पार्टी का हर एक कार्यकर्ता व नेता अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ चट्टान की तरह खड़ा है। कोई भी हमारी पार्टी को तृणमूल कांग्रेस (TMC) समझने की भूल न करे, जहाँ से लोग पाला बदल लेते हैं। उत्तर प्रदेश की जनता ऐसे बयानों का सही समय पर करारा जवाब देगी।”

इसके साथ ही रुचि वीरा ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि उनके पास विश्वसनीय सूत्रों से यह पक्की जानकारी है कि खुद ओम प्रकाश राजभर और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई सांसद इस समय समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के संपर्क में हैं। उन्होंने साफ किया कि वह राजभर की बयानबाजी को कोई तवज्जो नहीं देतीं और सपा के संगठन को लेकर जो भ्रम फैलाया जा रहा है, उसका सच जल्द ही सबके सामने आ जाएगा।

फिलहाल, मुरादाबाद के एक क्षेत्रीय सम्मेलन से शुरू हुई यह अंदरूनी कलह अब प्रदेश स्तर पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच एक बड़े सियासी दंगल में तब्दील हो चुकी है।

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