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सपा ने NEET-JEE को रद्द किए जाने की मांग को लेकर राजभवन पर प्रदर्शन, पुलिस ने भांजी लाठी

सपा का राजभवन पर प्रदर्शनSP's protests at the Raj Bhavan

सपा का राजभवन पर प्रदर्शन

लखनऊ। समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को NEET-JEE को रद्द किए जाने की मांग को लेकर राजभवन पर प्रदर्शन किया है। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने योगी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समाजवादी पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने राजभवन का घेराव किया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं में झड़प हुई। इसके पुलिस ने कार्यकर्ताओं को कंट्रोल करने जमकर लाठियां भांजी। इसके बाद मची भगदड़ कई कार्यकर्ताओं को चोटें भी आई हैं।

सपा कार्यकर्ता कोरोना के मद्देनजर प्रतियोगी परीक्षा नहीं कराये जाने की मांग कर रहे थे। इस दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों से उनकी नोकझोंक हुयी, बाद में उन्हे तितर बितर करने के लिये पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया।

गौरतलब है कि सपा अध्यक्ष जेईई और नीट की परीक्षा के सरकार के फैसले का लगातार विरोध कर रहे हैं। उनका तर्क है कि प्रतियोगी परीक्षा में भाग लेने वाले परीक्षार्थी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ सकते है जिसका सीधा असर उनके परिवार और घर के बुजुर्गो पर होगा।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कोरोना संक्रमण काल में प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन के सरकार के फैसले को बेतुका करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों के स्वास्थ्य की परवाह नहीं है। साथ ही मांग की कि जेईई और नीट परीक्षा में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों के लिये परिवहन की व्यवस्था और रहने खाने का इंतजाम सरकार को करना चाहिये।

भाजपा के खिलाफ खुले पत्र में यादव ने लिखा कि भाजपा की तरफ से हास्यास्पद और तर्कहीन बातें फैलायी जा रही है कि जब लोग अन्य कामों से घर से बाहर निकल रहे है तो परीक्षा क्यों नहीं दे सकते।

उन्होंने कहा कि ऐसी बाते कहने वालों को पता होना चाहिये कि लोग मजबूरी में घरों के बाहर निकल रहे हैं। जबकि सरकार परीक्षा के नाम पर उन्हें घर से बाहर निकलने पर विवश कर रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा देने निकले किसी परीक्षार्थी अथवा अभिभावक को कोरोना संक्रमण हो जाता है। उनके संपर्क में आये घर के बुजुर्ग भी संक्रमित हो जाते हैं तो क्या सरकार उसकी कीमत चुकायेगी।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना और बाढ की वजह से ट्रेन बसे बाधित हैं। बाहर रहने और खाने की बेहद दिक्कत है, ऐसे मे अगर परीक्षा कराई जाती है। तो छात्रों के आने जाने, रहने और खाने पीने की व्यवस्था कराई जानी चाहिए।

यादव ने कहा कि भाजपा सरकार समझ चुकी है कि बेरोजगारी से त्रस्त युवा और बाढ काेरोना से रोजी रोजगार गंवा चुका मध्यम वर्ग उसे वोट नहीं देगा और यही कारण है कि सरकार युवाओं से बदला ले रही है। वह अच्छी तरह जानती है कि सत्ता में वह दोबारा नहीं लौटेगी। उन्होने नारा दिया “ जान के बदले एग्ज़ाम, नहीं चलेगा, नहीं चलेगा।

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