रामपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए भावुक हुए आज़म बोले – ये कैसा इंसाफ

आज़म ख़ाँआज़म ख़ाँ

रामपुर।  सपा उम्मीदवार आज़म खान रामपुर के दड़ियाल टाण्डा में एक जनसभा को संबोधित करते रो पड़े और कहा यह कैसा इंसाफ है, एक दौलत वाला बाहर से आकर हम गरीबो को इतना ज़लील करेगा, क्या इंतेहा हो गई ज़ुल्म की? जाकर देखो रामपुर छावनी बना हुआ है गरीबो के दरवाजे तोड़े जा रहे है। गरीबो के घरों में पैसा कहां मिलेगा पैसा तो कोई और बाटेगा मैं तो मोहब्बत बाटूंगा और है क्या मेरे पास चंन्दे से चुनाव लड़ रहा हूँ।

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बता दें कि आज़म खान ने कहा कि मैं नहीं लड़ना चाहता था मुझे इसके लिए तैयार किया या चुनाव को लड़ने के लिए, साथ ही आज़म खान बोले कि मैं सरकार से इन्तेज़ामिया से कहना चाहता हूँ कि मेरे घर के दरवाजे तोड़ो मुझे गोली मारो मुझे मार दो ताकि चुनाव से पहले यह किस्सा ही खत्म हो जाये। मेरा जीना इस जमीन के लिए बोझ बन गया है। बता दें कि आजम खान ने ये भी खा कि मेरी वजह से गरीब सताए जा रहे मुझे मार डालो, मुझे नही लड़ना है यह चुनाव अगर यह इलकेशन लोगो की ज़िल्लत की वजह है तो इसे खारिज कर दो मुझे खत्म कर दो।

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बता दें कि आज़म खा आगे बोले कि अगर यह इलकेशन इंसानो की जानो की कीमत पर लड़ा जा रहा है तो इस इलेक्शन की कोई ज़रूरत नहीं है, और जम्हूरियत की भी कोई ज़रूरत नहीं है, साथ ही आज़म बोले मैं ज़ुल्म से नहीं घबराउंगा मगर गरीबो के साथ कमज़ोरों के साथ ज़ुल्म करोगे तो मुझसे बर्दाश्त नहीं होगा आज़म बोले मेरे यह आँसू किसी डर ख़ौफ के नहीं है।

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