• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

जिसको सबका नाथ बनाना होता है भगवान उसे अनाथ बना देते

Writer D by Writer D
28/05/2023
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, गोरखपुर
0
Brahmalin Mahant Avedyanath

Brahmalin Mahant Avedyanath

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

गोरखपुर। अपवाद संभव है। पर 28 मई 1921 को गढ़वाल (उत्तरांचल) जिले के कांडी गांव में जन्मे राय सिंह विष्ट के इकलौते पुत्र कृपाल सिंह विष्ट (अवेद्यनाथ) (Brahmalin Mahant Avedyanath) के साथ तो यही हुआ।

बचपन में माता-पिता, कुछ बड़े हुए तो पाल्य दादी की मौत से अनाथ हुए तो मन विरक्त हो गया। ऋषिकेश में सन्यासियों के सत्संग से हिंदू धर्म, दर्शन, संस्कृत और संस्कृति के प्रति रुचि जगी तो शांति की तलाश में केदारनाथ, ब्रदीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और कैलाश मानसरोवर की यात्रा की। वापसी में हैजा होने पर साथी उनको मृत समझ आगे बढ़ गए। वह ठीक हुए तो उनका मन और विरक्त हो उठा। इसके बाद नाथ पंथ के जानकार योगी निवृत्तिनाथ, अक्षयकुमार बनर्जी और गोरक्षपीठ के सिद्ध महंत रहे गंभीरनाथ के शिष्य योगी शांतिनाथ से भेंट (1940)। निवृत्तनाथ द्वारा ही महंत दिग्विजयनाथ से भेट। पहली भेट में शिष्य बनने की अनिच्छा। करांची के एक सेठ की उपेक्षा के बाद शांतीनाथ की सलाह पर गोरक्षपीठ में आकर नाथपंथ में दीक्षित होना। क्या यह सब यूं ही हो गया? शायद नहीं? यह सब इसलिए होता गया क्योंकि उनको हिंदू समाज का नाथ बनना था।

अपने उस गुरु ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की मदद करनी थी जो पूरी मुखरता एवं दमदारी से उस समय हिंदुत्व की बात कर रहे थे, जब इसे गाली समझा जाता था।

उल्लेखनीय है कि ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ (Brahmalin Mahant Avedyanath) मूलतः धर्माचार्य। वह देश के संत समाज में बेहद सम्मानीय एवं सर्वस्वीकार्य थे। दक्षिण भारत के रामनाथपुरम मीनाक्षीपुरम में हरिजनों के सामूहिक धर्मांतरण की घटना से वह खासे आहत हुए थे। इसका विस्तार उत्तर भारत में न हो इसके लिए वे सक्रिय राजनीति में आए।

चार बार सांसद एवं पांच बार रहे विधायक

उन्होंने (Brahmalin Mahant Avedyanath) चार बार (1969, 19 89, 1091 और 1996) गोरखपुर सदर संसदीय सीट से यहां के लोगों का प्रतिनिधित्व किया। अंतिम लोकसभा चुनाव को छोड़ उन्होंने सभी चुनाव हिंदू महासभा के बैनर तले लड़ा। लोकसभा के अलावा उन्होंने पैन बार (1962, 1967,19 69,19 74 और 1977) में मानीराम विधानसभा का भी प्रतिनिधित्व किया था। 1984 में शुरु रामजन्म भूमि मुक्ति यज्ञ समिति के शीर्षस्थ नेताओं में शुमार श्री रामजन्म भूमि यज्ञ समिति के अध्यक्ष व रामजन्म भूमि न्यास समिति के आजीवन सदस्य रहे। योग व दर्शन के मर्मज्ञ महंतजी के राजनीति में आने का मकसद हिंदू समाज की कुरीतियों को दूर करना और राम मंदिर आंदोलन को गति देना रहा है।

नया संसद भवन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में नया स्वर्णिम अध्याय: सीएम योगी

बहुसंख्यक समाज को जोड़ने के लिए सहभोजों के क्रम में उन्होंने बनारस में संतों के साथ डोमराजा के घर सहभोज किया।
महंत अवेद्यनाथ ने वाराणसी व हरिद्वार में संस्कृत का अध्ययन किया है। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद से जुड़ी शैक्षणिक संस्थाओं के अध्यक्ष व मासिक पत्रिका योगवाणी के संपादक भी रहे। उन्होंने ताउम्र अयोध्या स्थित जन्मभूमि पर भव्य एवं दिव्य राम मंदिर का सपना देखा। उस सपने को साकार होता देख यकीनन स्वर्ग में वह खुश हो रहे होंगे। यह खुशी यह सोचकर और बढ़ जाती होगी कि जब यह सपना मूर्त रूप ले रहा है तो उनके ही शिष्य के हाथों उत्तर प्रदेश की कमान भी है।

Tags: Brahmalin Mahant Avedyanathgorakhpur newsup news
Previous Post

चुनावी परीक्षा में धामी पर ही मोदी का भरोसा

Next Post

कौन बनेगा यूपी का नया डीजीपी? ये IPS अधिकारी लिस्ट में सबसे ऊपर

Writer D

Writer D

Related Posts

Boiler explodes at Vedanta Power Plant
Main Slider

वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटा, 40 मजदूर घायल

14/04/2026
Samrat Chaudhary
Main Slider

सम्राट चौधरी होंगे बिहार के नए मुख्यमंत्री, कल लोकभवन में लेंगे शपथ

14/04/2026
PM Modi's love for Uttarakhand was evident in his speech.
Main Slider

मोदी के भाषण में दिखा उत्तराखंड प्रेम, लोकल कनेक्ट ने जीता दिल

14/04/2026
CM Yogi
Main Slider

मुख्यमंत्री ने कहा, सहारनपुर से दिल्ली व देहरादून की यात्रा अब बेहद कम समय में होगी पूरी

14/04/2026
minimum wage
Main Slider

सोशल मीडिया पर 20,000 न्यूनतम वेतन की खबर भ्रामक, सरकार ने जारी किया स्पष्टीकरण

14/04/2026
Next Post
DGP

कौन बनेगा यूपी का नया डीजीपी? ये IPS अधिकारी लिस्ट में सबसे ऊपर

यह भी पढ़ें

building collapsed

ताश के पत्तों की तरह ढह गई चार मंज़िला इमारत, 12 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

28/06/2022
Amritsari Paneer Bhurji

लंच में लगाएं अमृतसरी तड़का, बनाएं टेस्टी पनीर भुर्जी

12/05/2024

दिल्ली कैपिटल्स को कोरोना की बाउंसर, सीफर्ट हुए पॉज़िटिव

20/04/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version