एसएसबी ने आरसेटी के सहयोग से शुरू किया सिलाई प्रशिक्षण

सिद्धार्थनगर। सीमावर्ती क्षेत्र के गांवों में ऐसी तमाम महिलाएं हैं जिनमें प्रतिभाएं छिपी है। लेकिन कोई सुविधा व जानकारी के अभाव में आर्थिक विकास नहीं हो पाता है। ऐसे में महिलाओं को प्रशिक्षण कर उन्हें आगे बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए। उक्त बातें सीमा सशस्त्र बल गोरखपुर हेड क्वाटर के डीआईजी रंजीत सिंह ने सोमवार को बीओपी कैंप हरिबंसपुर में भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के सहयोग से प्रशिक्षण का शुभारंभ का दीप प्रज्जवलित करने के बाद कहीं। उन्होंने कहा कि जिस घर की महिलाएं प्रशिक्षित रहती है उनके घर व परिवार का सर्वागीण विकास होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को प्रशिक्षण देना बहुत ही सराहनीय कार्य है। एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक के एन गुप्ता ने कहा कि एसएसबी के सौजन्य से एक माह का महिला सिलाई कटाई प्रशिक्षण कराया जा रहा है। जो 26 नवम्बर को समाप्त होगा। 26 महिलाओं को आज से सिलाई-कटाई का प्रशिक्षण देना शुरू किया जा रहा है। एसएसबी चाहती है कि नेपाल सीमावर्ती गांव की महिलाएं प्रशिक्षित होकर आत्मनिर्भर बनें। सशस्त्र सीमा बल 66 वीं वाहिनी के कार्यवाहक कमांडेंट अजित सिंह ने कहा कि एसएसबी नेपाल सीमा पर सुरक्षा करती ही है। लेकिन साथ ही साथ महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उनका आर्थिक स्थिति सुधारने का भी कार्य करती है। लोगों को चाहिए इसका लाभ जरुर लें। इस अवसर पर बीओपी हरिबंसपुर इंस्पेक्टर केवल कृष्ण सिंह, प्रधान दिवाकर पांडेय, शिवकुमार कसौधन, मीरा, बविता सिंह, विद्यावती, कुसुम पांडेय, सरीफुनिशा, सीमा, अर्चना, आदि मौजूद रहे।

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