Site icon 24 GhanteOnline | News in Hindi | Latest हिंदी न्यूज़

राज्य सरकार महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए कटिबद्ध: सीएम योगी

सीएम योगी CM Yogi

सीएम योगी

लखनऊ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजीविका संवर्धन के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्हाेंने कहा कि केन्द्र तथा राज्य सरकार महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए तत्परता से कार्य कर रही है।

श्री योगी ने मंगलवार को यहां उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं यूनाइटेड नेशन-वल्र्ड फूड प्रोग्राम (यूएनडब्ल्यूएफपी) के मध्य डिजिटिल माध्यम से एमओयू हस्ताक्षरित किये। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए तत्परता से कार्य कर रही है।

प्रत्येक ग्रामीण गरीब परिवारों में से एक महिला को स्वयं सहायता समूहों में संगठित कर उनकी क्षमता वृद्धि एवं वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराते हुए उन्हें आजीविका संवर्धन के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है। इस अवसर पर उन्होंने लखनऊ, बांदा, गोरखपुर, उन्नाव तथा फतेहपुर के टेक होम राशन माइक्रो इण्टरप्राइज की अध्यक्षों से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातीचीत की।

उन्होंने कहा कि समय का सदुपयोग करके समाज को बहुत कुछ दिया जा सकता है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने इस दिशा में काफी कार्य किया है। आजीविका मिशन द्वारा रचनात्मक कार्य किये जा रहे हैं, जो स्वस्थ समाज के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था प्रशासन सुनिश्चित करें।

ड्रग्स केस में रिया चक्रवर्ती की गिरफ्तारी पर अंकिता लोखंडे का पहला बयान

श्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा आईसीडीएस के साथ कन्वर्जेंस के माध्यम से प्रदेश के 18 जिलों के 204 विकास खण्डों में पुष्टाहार उत्पादन कर आंगनबाड़ी केन्द्रों में वितरित किया जा रहा है। आने वाले समय में पूरे प्रदेश के सभी ब्लाॅकों को इससे जोड़ा जाएगा।

उन्होंने कहा कि पुष्टाहार उत्पादन का कार्य अलीगढ़, अम्बेडकर नगर, औरैया, बागपत, बांदा, चन्दौली, इटावा, बिजनौर, फतेहपुर, गोरखपुर, कन्नौज, लखीमपुर खीरी, लखनऊ, मैनपुरी, मिर्जापुर, प्रयागराज, सुल्तानपुर तथा उन्नाव में किया जाएगा। शेष अन्य जिलों में भी इसे शुरू किया जाएगा।

रिया चक्रवर्ती को गिरफ्तारी के बाद अब मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजीविका मिशन के माध्यम से 3,000 से अधिक समूहों की महिलाएं उद्यमी बनेंगी और उनके पास स्थायी रोजगार उपलब्ध होगा। प्रत्येक महिला को वर्ष में 240 दिन से अधिक का रोजगार प्राप्त होगा। साथ ही, परियोजना के तहत प्रदेश में 7,20,000 से अधिक पर्सन डेज, समूहों की महिलाओं को प्राप्त होंगे।

इसके माध्यम से समूह में कार्य करने वाली प्रत्येक महिला को लगभग पांच से सात हजार रुपये की मासिक आय प्राप्त होगी। आंगनबाड़ी केन्द्रों को वितरित किये गये पूरक पोषण आहार पर प्राप्त लाभ में भी अंश प्राप्त होगा। परियोजना का एक वर्ष का टर्न ओवर 1,200 करोड़ रुपये होगा।

Exit mobile version