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UP से उत्तराखंड तक आफत की बारिश, कई परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

Heavy Rain

Heavy rain

उत्तर भारत के कई राज्यों में पिछले कुछ दिनों से जारी भीषण गर्मी से तो लोगों को राहत मिली है, लेकिन इसके साथ ही आए आंधी-तूफान, मूसलधार बारिश (Rain) और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और झारखंड में कुदरत के इस रौद्र रूप के कारण कई बेगुनाह लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इन चारों राज्यों में अलग-अलग हादसों और बिजली गिरने की घटनाओं में अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें अकेले उत्तर प्रदेश में ही सबसे ज्यादा इकतीस लोगों की जान चली गई है। मौसम में आए इस अचानक और हिंसक बदलाव के कारण प्रभावित इलाकों में आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है।

उत्तर प्रदेश में आंधी और बारिश (Rain) का सबसे घातक असर देखने को मिला है, जहाँ विभिन्न जिलों में कुल इकतीस लोगों की मौत दर्ज की गई है। राज्य के रायबरेली में मकान का टिनशेड गिरने से एक महिला और अंबेडकरनगर में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में सबसे अधिक दस लोगों ने अपनी जान गंवाई है, जिसमें बांदा और हमीरपुर में तीन-तीन तथा महोबा व उरई में दो-दो मौतें शामिल हैं। इसके अलावा कौशाम्बी में चार, देवरिया में दो और मथुरा, उन्नाव, फतेहपुर, प्रतापगढ़, आजमगढ़, बलिया व भदोही में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। आगरा में कच्चे मकान की दीवार गिरने से एक रिक्शा चालक की जान चली गई, जबकि सहारनपुर के प्रसिद्ध सिद्धपीठ शाकंभरी देवी क्षेत्र में शिवालिक पहाड़ियों पर हुई मूसलधार बारिश के बाद आई अचानक बाढ़ में दो महिलाओं की मौत हो गई।

पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश और झारखंड में भी आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली ने गहरा घाव दिया है। मध्य प्रदेश के भिंड जिले में आए भीषण तूफान और बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई और चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कई मवेशियों को भी नुकसान पहुँचा है। वहीं झारखंड के विभिन्न हिस्सों में पिछले चौबीस घंटों के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक लड़की और दो महिलाएं शामिल हैं। झारखंड के गढ़वा जिले में दो लोगों की मौत हुई, जबकि रांची, धनबाद और बोकारो जिलों से एक-एक व्यक्ति की मौत की खबर सामने आई है। हालांकि इस बारिश से झारखंड में अधिकतम तापमान में भारी गिरावट आई है, लेकिन मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में पारा फिर चढ़ सकता है।

पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भी मौसम का मिजाज बेहद खतरनाक रहा, जहाँ तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र के चंद्रशिला में आकाशीय बिजली गिरने से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से घूमने आए दो सगे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई। इस आपदा के बीच राहत एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वहां फंसे पैंतालीस से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित निकाला, जिनमें से तीन घायल पर्यटकों का इलाज चल रहा है। उत्तराखंड के पौड़ी, टिहरी, कोटद्वार और ऋषिकेश जैसे क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। रुड़की में दो सौ से अधिक पेड़ गिरने और अस्सी से ज्यादा बिजली के खंभे टूटने से रात भर ब्लैकआउट रहा, जबकि विकासनगर में बहत्तर से ज्यादा पोल क्षतिग्रस्त होने और साढ़े चार किलोमीटर लंबी बिजली लाइन टूटने से भारी नुकसान हुआ है। ऋषिकेश शहर में भी पचास से ज्यादा पेड़ धराशायी हो गए, जिससे करीब सोलह घंटे तक बिजली और पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप रही।

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