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1008 महिलाओं ने निकाली 5 KM लंबी कलश यात्रा, लोगों ने बरसाए फूल

कानपुर। कानपुर देहात का कंचौसी बाजार भक्ति और आस्था के रंग में रंग गया। यहां सांसद देवेंद्र सिंह भोले की मौजूदगी में श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ किया गया। इसी के साथ पांच किलोमीटर लंबी कलश यात्रा (Kalash Yatra)…

24GhanteOnline
September 25, 2025
2 min read

कानपुर। कानपुर देहात का कंचौसी बाजार भक्ति और आस्था के रंग में रंग गया। यहां सांसद देवेंद्र सिंह भोले की मौजूदगी में श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ किया गया। इसी के साथ पांच किलोमीटर लंबी कलश यात्रा (Kalash Yatra) निकाली गई। इस शोभायात्रा में 1008 महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर जयकारे लगाए। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाएं भक्ति गीतों और जय श्रीकृष्ण के जयकारों के साथ आगे बढ़ रही थीं।

इस कलश यात्रा (Kalash Yatra) में शामिल महिलाओं की संख्या तीन हजार से अधिक रही, जबकि इसे देखने और भाग लेने के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। महिलाएं कतारबद्ध होकर आगे बढ़ रही थीं और उनके पीछे-पीछे श्रद्धालुओं की भीड़ भक्ति में डूबकर चल रही थी। यात्रा नगर के कंचौसी बाजार से शुरू होकर दर्शन सिंह स्मृति महाविद्यालय तक पहुंची। रास्तेभर श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण गूंज उठा।

25 सितंबर से 1 अक्टूबर तक श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का आयोजन प्रतिदिन दर्शन सिंह स्मृति महाविद्यालय कंचौसी बाजार में होगा। आचार्य शांतनु महाराज प्रवचन देंगे, वहीं हर शाम भजन संध्या और सत्संग का आयोजन होगा। आयोजकों का कहना है कि प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

कलश यात्रा (Kalash Yatra) के दौरान हर गली, हर चौराहे पर आस्था और भक्ति का सैलाब उमड़ा। महिलाएं मंगलगीत गाती हुई आगे बढ़ रही थीं और लोग जगह-जगह पुष्पवर्षा कर रहे थे। ग्रामीण क्षेत्रों से लोग पैदल, बैलगाड़ी, बाइक और कारों से पहुंचे। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी ने इस आयोजन में भाग लिया।

इस आयोजन में सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र के कई लोग भी उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे, जिसको लेकर इंतजाम किए गए हैं। कथा स्थल पर गांवों से पैदल, बैलगाड़ी, बाइक और चारपहिया वाहनों से लोग पहुंचे। कई श्रद्धालु परिवार सहित शामिल हुए। आयोजन को लेकर विकास सिंह भोले, डॉ। अमित सिंह, विवेक द्विवेदी, जीतेंद्र सिंह गुड्डन, रमेश यादव, मुन्नू शुक्ला ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज को सही दिशा और प्रेरणा मिलती है। हमारी संस्कृति और परंपराएं कितनी महान और जीवंत हैं।

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