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सिंचाई व्यवस्था का हो रहा सुदृढ़ीकरण, 74.33 करोड़ रुपये की लागत से 7 नई ड्रेनेज परियोजनाओं का होगा निर्माण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कृषि विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। जल प्रबंधन को बेहतर बनाने, बाढ़ की…

24GhanteOnline
February 10, 2026
3 min read
सिंचाई व्यवस्था का हो रहा सुदृढ़ीकरण, 74.33 करोड़ रुपये की लागत से 7 नई ड्रेनेज परियोजनाओं का होगा निर्माण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कृषि विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। जल प्रबंधन को बेहतर बनाने, बाढ़ की समस्या को कम करने और किसानों की आय में बढ़ोतरी के उद्देश्य से ड्रेनेज व्यवस्था के विस्तार और ड्रेनों की नियमित सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस क्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग विभिन्न जनपदों में 7 नई ड्रेन परियोजनाओं (Drain Projects) का निर्माण करा रहा है। साथ ही जल प्रबंधन और खेतों तक सुचारू रूप से जल की पहुंच को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 17,500 किलोमीटर ड्रेनों की सफाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

बहराइच, बिजनौर, गोण्डा, हापुड़ और मेरठ में बन रही हैं 7 नई ड्रेन (Drain) -

वित्तीय वर्ष 2025-26 में सिंचाई व्यवस्था के विस्तार के उद्देश्य से विभिन्न जनपदों में 7 नई ड्रेन परियोजनाओं (Drain Projects) को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें गोण्डा, हापुड़ और मेरठ में एक-एक ड्रेन परियोजना को मंजूरी दी गई है, जबकि बिजनौर और बहराइच में दो-दो ड्रेन परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। जिन पर कुल 74.33 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय करने की स्वीकृति मिली है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से संबंधित क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था सुदृढ़ होगी और किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हर खेत को पानी के विजन को साकार करने में मजबूती मिलेगी।

मार्च 2026 तक पूरा होगा ड्रेनों (Drains) की सफाई का कार्य-

ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक सफाई का कार्य भी नियमित तौर पर कराया जाता है। बाढ़ एवं साल भर ड्रेनों के परिचालन से इनमें भारी मात्रा में गाद और सिल्ट जमा हो जाती है, जो खेतों तक जल की पहुंच में बाधा उत्पन्न करती है। इस क्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 17,500 किलोमीटर ड्रेनों की सफाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इसमें से 11,065 किलोमीटर ड्रेनों की सफाई का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। शेष कार्य मार्च 2026 तक पूरा किया जाना है। विभाग द्वारा कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि तय समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण हो सके। इससे न केवल किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, बल्कि जलभराव और बाढ़ की समस्या में भी कमी आएगी, जिससे कृषि उत्पादन और ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है।

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