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कपकोट की नई उड़ान- बागेश्वर बना एडवेंचर टूरिज्म का अहम पड़ाव

बागेश्वर। सुदूर पर्वतीय क्षेत्र कपकोट (Kapkot) अब एडवेंचर टूरिज्म के राष्ट्रीय मानचित्र पर मजबूती से उभर रहा है। पांच फरवरी से प्रारंभ बागेश्वर जनपद में आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय एक्युरेसी पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता…

24GhanteOnline
February 10, 2026
2 min read
कपकोट की नई उड़ान- बागेश्वर बना एडवेंचर टूरिज्म का अहम पड़ाव

बागेश्वर। सुदूर पर्वतीय क्षेत्र कपकोट (Kapkot) अब एडवेंचर टूरिज्म के राष्ट्रीय मानचित्र पर मजबूती से उभर रहा है। पांच फरवरी से प्रारंभ बागेश्वर जनपद में आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय एक्युरेसी पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता ने इस शांत ग्रामीण अंचल को देशभर के रोमांच प्रेमियों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना दिया है।

जालेख की पहाड़ियों से उड़ान भरते रंग-बिरंगे पैराग्लाइडरों से सजा कपकोट (Kapkot) का आसमान पूरे आयोजन के दौरान उत्सव का अहसास कराता रहा। देश के विभिन्न राज्यों से आए 92 पायलटों ने इस प्रतियोगिता में पंजीकरण कराया, जिनमें से 78 प्रतिभागियों ने अपने कौशल का प्रदर्शन किया। हजारों स्थानीय दर्शकों और पर्यटकों की उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि कपकोट में साहसिक खेलों के प्रति जबरदस्त उत्साह है।


प्रतियोगिता का शुभारंभ जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे और क्षेत्रीय विधायक सुरेश गड़िया द्वारा किया गया। जिलाधिकारी ने इसे बागेश्वर के लिए ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलता है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था सशक्त होती है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होते हैं।

पहले दिन से लेकर समापन तक प्रतियोगिता का रोमांच चरम पर रहा। विशेषज्ञों के अनुसार कपकोट (Kapkot) का भौगोलिक परिवेश पैराग्लाइडिंग, ट्रैकिंग और अन्य साहसिक खेलों के लिए अत्यंत अनुकूल है। आयोजन के दौरान प्रतिभागियों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और सुरक्षा संबंधी सत्र भी आयोजित किए गए, जिससे प्रतियोगिता का स्तर और अधिक पेशेवर बना।

समापन समारोह में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने स्वयं जालेख से उड़ान भरकर इस रोमांच का अनुभव लिया और कहा कि “कपकोट–बागेश्वर अब एडवेंचर टूरिज्म के नए गंतव्य के रूप में स्थापित हो चुका है। भविष्य में इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।”


प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर रहे मनीष उप्रेती को एक लाख रुपए, द्वितीय स्थान पर रहे मनीष भंडारी को ₹50 हजार तथा तृतीय स्थान पर पंकज कुमार को ₹30 हजार की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। महिला पायलटों को भी विशेष प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया।

कभी शांत समझा जाने वाला कपकोट (Kapkot) अब केवल एक ग्रामीण इलाका नहीं, बल्कि देश का उभरता हुआ साहसिक पर्यटन केंद्र बन चुका है। प्राकृतिक सुंदरता, अनुकूल भौगोलिक परिस्थितियां और स्थानीय प्रशासन की सक्रिय पहल इसे भविष्य का प्रमुख एडवेंचर डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रही हैं।

कपकोट (Kapkot) ने सचमुच नई उड़ान भर ली है—पर्यटन की, पहचान की और संभावनाओं की।

Tags:Kapkot

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