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हर स्कूल में बजेगी वॉटर बेल, हीटवेव से बचाव को सरकार अलर्ट

देहरादून। उत्तराखंड में बढ़ते तापमान और संभावित हीटवेव को देखते हुए सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन (Anand Bardhan) ने राज्य के सभी स्कूलों में नियमित अंतराल पर “वॉटर बेल” बजाने के निर्देश दिए हैं,…

24GhanteOnline
April 15, 2026
3 min read

देहरादून। उत्तराखंड में बढ़ते तापमान और संभावित हीटवेव को देखते हुए सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन (Anand Bardhan) ने राज्य के सभी स्कूलों में नियमित अंतराल पर “वॉटर बेल” बजाने के निर्देश दिए हैं, ताकि छात्र-छात्राएं समय-समय पर पानी पी सकें और डिहाइड्रेशन से बचाव हो सके।

मुख्य सचिव (Anand Bardhan) ने बुधवार को ग्रीष्मकालीन तैयारियों की समीक्षा बैठक में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने स्कूलों के समय में आवश्यकता अनुसार बदलाव, कक्षाओं में पर्याप्त वेंटिलेशन, ओआरएस और आवश्यक दवाओं का भंडारण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही छात्रों को हीटवेव से बचाव के व्यवहारिक उपायों की जानकारी देने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव (Anand Bardhan) ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में पानी की किल्लत हो, वहां गर्मियों के दौरान निर्माण कार्यों पर अस्थायी रोक लगाने पर विचार किया जाए। बस अड्डों, रेलवे स्टेशन, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर शुद्ध पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि राज्य से लेकर ग्राम स्तर तक सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। प्रत्येक जिले में हीटवेव एक्शन प्लान तैयार कर संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की जाए और वहां विशेष निगरानी व राहत व्यवस्था सुनिश्चित हो।

मुख्य सचिव ने 24×7 कंट्रोल रूम संचालित करने के निर्देश भी दिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

पेयजल व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार, पंचायत भवन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छ पानी की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जल संकट वाले क्षेत्रों में टैंकर, नलकूप और वैकल्पिक जलापूर्ति की अग्रिम योजना तैयार रखी जाए।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्देश देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि सभी अस्पतालों में हीटवेव प्रभावित मरीजों के लिए पर्याप्त बेड, समर्पित वार्ड, दवाइयां, ओआरएस और आइस पैक उपलब्ध हों। एम्बुलेंस सेवाओं में भी ओआरएस और आइस पैक अनिवार्य रूप से रखा जाए।

उन्होंने चिकित्सा और पैरामेडिकल स्टाफ को हीटवेव प्रबंधन का प्रशिक्षण देने तथा आमजन को लक्षण, बचाव और प्राथमिक उपचार की जानकारी देने के निर्देश दिए। अस्पतालों में मरीजों के बैठने के स्थान पर शेड और पंखों की व्यवस्था करने को भी कहा गया।

मुख्य सचिव (Anand Bardhan) ने श्रमिकों और खुले में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि दोपहर के समय भारी कार्य से बचा जाए। कार्यस्थलों पर छायादार विश्राम स्थल, स्वच्छ पानी, ओआरएस और प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

इसके साथ ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अस्थायी आश्रय स्थल, पानी के प्याऊ और वॉटर कियोस्क स्थापित करने, पार्कों को अधिक समय तक खोलने तथा गरीब और संवेदनशील वर्गों तक राहत पहुंचाने के निर्देश दिए गए। पशुओं के लिए भी पानी और शेल्टर की समुचित व्यवस्था करने को कहा गया।

ऊर्जा आपूर्ति को लेकर मुख्य सचिव ने कहा कि बढ़ती मांग को देखते हुए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। ट्रांसफार्मर और अन्य उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए तथा उच्च मांग की स्थिति में वैकल्पिक योजना तैयार रहे।

बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, सीसीएफ सुशांत कुमार पटनायक, डॉ. पराग मधुकर धकाते, सी. रविशंकर, विनोद कुमार सुमन, रणवीर सिंह चौहान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

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