24 घण्टे ऑनलाइन

सरकारी स्कूलों में सभी मूलभूत सुविधाएं हर हाल में सुनिश्चित हों: मुख्य सचिव

देहरादून : मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन (Anand Bardhan) ने कहा कि प्रदेश के सभी शासकीय विद्यालयों में बिजली, पानी, शौचालय सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं हर हाल में सुनिश्चित की जाएं और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण…

24GhanteOnline
May 6, 2026
2 min read

देहरादून : मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन (Anand Bardhan) ने कहा कि प्रदेश के सभी शासकीय विद्यालयों में बिजली, पानी, शौचालय सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं हर हाल में सुनिश्चित की जाएं और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

सचिवालय में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ व्यवस्थाओं में स्थायी सुधार लाया जाए।

बुक बैंक की व्यवस्था शुरू करने के निर्देश


मुख्य सचिव (Anand Bardhan) ने स्कूलों में बुक बैंक स्थापित करने के निर्देश देते हुए कहा कि छात्र कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अपनी किताबें वापस जमा कर सकें, जिन्हें अगले सत्र में अन्य छात्रों को वितरित किया जा सके। इससे हर साल नई किताबें छपवाने पर होने वाले करोड़ों रुपये के खर्च में कमी आएगी।

क्लस्टर स्कूलों के निर्माण में तेजी


उन्होंने क्लस्टर विद्यालयों में कक्षा कक्ष और छात्रावास निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए और इसके लिए नाबार्ड से वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

शौचालयों की सफाई के लिए स्थायी समाधान


मुख्य सचिव (Anand Bardhan) ने स्कूलों में शौचालयों की साफ-सफाई को लेकर स्थायी तंत्र विकसित करने पर जोर दिया। इसके लिए अलग से फंडिंग की व्यवस्था करने और एक प्रभावी मैकेनिज्म तैयार करने के निर्देश दिए गए।

डिजिटल पुस्तकालयों पर फोकस


उन्होंने सभी विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे छात्रों को अधिक से अधिक पुस्तकों तक पहुंच मिलेगी और उनके ज्ञान में वृद्धि होगी।

बैठक में सचिव रविनाथ रमन, माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव (Anand Bardhan) ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सभी योजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

सम्बंधित ख़बरें