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जल संरक्षण कार्यों की धीमी रफ्तार पर मुख्य सचिव सख्त, SARRA को एक वर्ष की कार्ययोजना बनाने के निर्देश

देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन (Anand Bardhan) ने सचिवालय में जल संरक्षण के लिए गठित स्प्रिंग एंड रिवर रिज्युविनेशन अथॉरिटी (SARRA) द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने…

24GhanteOnline
April 30, 2026
3 min read

देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन (Anand Bardhan) ने सचिवालय में जल संरक्षण के लिए गठित स्प्रिंग एंड रिवर रिज्युविनेशन अथॉरिटी (SARRA) द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी चल रहे और प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत सूची तैयार कर शीघ्र उपलब्ध कराई जाए।

मुख्य सचिव (Anand Bardhan) ने SARRA को अगले एक वर्ष की स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी कार्यों की प्राथमिकता तय करते हुए उनकी समयसीमा निर्धारित की जाए और प्रदेशभर में एक साथ कार्य करने के बजाय चिन्हित नदियों पर प्राथमिकता के आधार पर काम शुरू किया जाए।

चेकडैम और जल संरचनाओं पर जोर


मुख्य सचिव (Anand Bardhan) ने टिहरी जनपद में विकसित चेकडैम श्रृंखला के मॉडल को अन्य जिलों में लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही चेकडैम्स के रखरखाव और डिसिल्टिंग को भी योजना का अनिवार्य हिस्सा बनाने को कहा।

30 जून तक पूरे हों रिचार्ज कार्य


उन्होंने ग्राउंड वाटर रिचार्ज से जुड़े सभी कार्यों को 30 जून 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए। नैनीताल और देहरादून में भूमिगत जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को अगले दो माह में पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया।

मुख्य सचिव ने यह भी निर्देशित किया कि सभी कार्यों की प्रगति को ‘जल संचय जन भागीदारी पोर्टल’ पर अपलोड किया जाए और जिला स्तर पर जिलाधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

“वन डिस्ट्रिक्ट, वन रिवर” योजना पर तेजी


बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में “वन डिस्ट्रिक्ट, वन रिवर” योजना के तहत नदियों, नौलों और जल स्रोतों के पुनर्जीवन का कार्य वैज्ञानिक तरीके से किया जा रहा है। अब तक प्रदेश में 5775 जल स्रोतों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें 2664 स्प्रिंग, 1701 नौले और 1282 क्रिटिकल स्ट्रीम्स शामिल हैं।

इन स्रोतों के संरक्षण और पुनर्भरण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर कार्य शुरू किया गया है। कुमाऊं और गढ़वाल मंडलों में शिप्रा, गौड़ी, सोंग, नयार और पूर्वी रामगंगा जैसी नदियों को प्राथमिकता दी जा रही है।

जनभागीदारी और तकनीकी सहयोग पर फोकस


SARRA के तहत स्थानीय समुदाय की भागीदारी को विशेष महत्व दिया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर समितियों का गठन कर लोगों को जल संरक्षण, पौधरोपण और जल बचत के प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही राष्ट्रीय संस्थानों का तकनीकी सहयोग भी लिया जा रहा है।

बैठक में अपर सचिव हिमांशु खुराना, कहकशा नसीम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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