हनुमानगढ़ी विवाद पर बृजभूषण शरण सिंह का यू-टर्न, बोले- मेरी बात...
अयोध्या: अयोध्या की हनुमानगढ़ी को लेकर दिए गए अपने बयान पर पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह (Brijbhushan Sharan Singh) ने अब सफाई देते हुए कहा है कि उनकी बात पूरी तरह सामने नहीं आ सकी, जिससे विवाद खड़ा हो गया।…

अयोध्या: अयोध्या की हनुमानगढ़ी को लेकर दिए गए अपने बयान पर पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह (Brijbhushan Sharan Singh) ने अब सफाई देते हुए कहा है कि उनकी बात पूरी तरह सामने नहीं आ सकी, जिससे विवाद खड़ा हो गया। उन्होंने स्वीकार किया कि उनका बयान अधूरा था और इसी वजह से गलत संदेश गया। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी मंशा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का विरोध करने की नहीं थी।
दरअसल, कुछ दिन पहले बृजभूषण शरण सिंह ने कहा था कि हनुमानगढ़ी में कभी नमाज नहीं पढ़ी गई और मंदिर का निर्माण एक मुस्लिम शासक ने कराया था। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई थी और समाजवादी पार्टी ने इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान से जोड़ते हुए सरकार पर सवाल उठाए थे।
अब कहा- सीढ़ियों पर नहीं, परिसर में पढ़ी गई थी नमाज
मंगलवार को मीडिया से बातचीत में बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्हें स्पष्ट करना चाहिए था कि हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज नहीं पढ़ी गई थी, लेकिन परिसर में नमाज पढ़े जाने का उल्लेख इतिहास में मिलता है। उन्होंने कहा कि यदि उन्होंने शुरुआत में ही पूरी बात रखी होती तो इतना विवाद नहीं होता।
मंदिर निर्माण वाले बयान पर भी बदला रुख
अपने पहले बयान में मंदिर के निर्माण को मुस्लिम शासक से जोड़ने वाले बृजभूषण अब उससे भी पीछे हटते नजर आए। उन्होंने कहा कि अयोध्या महात्म में भगवान शिव द्वारा माता पार्वती से संवाद के दौरान हनुमानगढ़ी का उल्लेख मिलता है। ऐसे में यह कहना उचित नहीं कि किसी शासक ने हनुमानगढ़ी का निर्माण कराया था।
उन्होंने कहा कि उनके बयान का संदर्भ शिराजुद्दौला द्वारा मंदिर को दी गई 52 बीघा जमीन से जुड़ा था, जिसे लेकर इंटरनेट और गूगल पर कई भ्रामक जानकारियां उपलब्ध हैं। इसी वजह से भ्रम की स्थिति बनी।
नागा साधुओं की भूमिका का किया उल्लेख
बृजभूषण शरण सिंह ने दावा किया कि इतिहास में कई बार मुस्लिम आक्रांताओं ने हनुमानगढ़ी पर कब्जे की कोशिश की, लेकिन नागा साधुओं ने मंदिर की रक्षा की और उसे ध्वस्त नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि यही ऐतिहासिक तथ्य सही संदर्भ में सामने आने चाहिए।
योगी के बयान पर जताई सहमति
पूर्व सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो कहा, वह भी सही है और संत समाज की बातों का भी वह सम्मान करते हैं। उन्होंने दोहराया कि उनके बयान का उद्देश्य किसी की बात को चुनौती देना नहीं था, बल्कि अधूरी जानकारी के कारण विवाद पैदा हो गया।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अयोध्या दौरे के दौरान कहा था कि हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाई गई थी। इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बृजभूषण शरण सिंह का पहला बयान सामने आया था, जो बाद में विवाद का कारण बना।
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