24 घण्टे ऑनलाइन

महिला जज को वकीलों ने नहीं दिया फेयरवेल, CJI बोले- सम्मान से विदाई की हकदार हैं

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की महिला जस्टिस बेला त्रिवेदी शुक्रवार को चुपचाप ही रिटायर हो गईं। उनके रिटायरमेंट के मौके पर बार काउंसिल की ओर से कोई औपचारिक फेयरवेल आयोजित नहीं किया गया। इसे लेकर चीफ जस्टिस बीआर गवई (CJI BR…

24GhanteOnline
May 16, 2025
2 min read

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की महिला जस्टिस बेला त्रिवेदी शुक्रवार को चुपचाप ही रिटायर हो गईं। उनके रिटायरमेंट के मौके पर बार काउंसिल की ओर से कोई औपचारिक फेयरवेल आयोजित नहीं किया गया। इसे लेकर चीफ जस्टिस बीआर गवई (CJI BR Gavai ) और जस्टिस एजी मसीह ने आपत्ति जताई। आमतौर पर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन की ओर से जजों के रिटायरमेंट पर फेयरवेल आयोजित किए जाते हैं। लेकिन जस्टिस बेला त्रिवेदी के आखिरी कार्यदिवस के मौके पर ऐसा कोई प्रोग्राम नहीं हुआ। इस पर जजों ने आपत्ति जताई और कहा कि ऐसा कोई आयोजन न होना दुर्भाग्यपूर्ण है।

रिटायरमेंट के मौके पर सेरेमोनियल बेंच भी बैठी। इस बेंच के सामने कपिल सिब्बल और रचना श्रीवास्तव मौजूद रहे। कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं और रचना श्रीवास्तव उपाध्यक्ष हैं। बेंच में शामिल रहे जस्टिस गवई (CJI BR Gavai ) ने कहा, 'मैं कपिल सिब्बल और रचना श्रीवास्तव की यहां मौजूदगी की सराहना करता है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने जो स्टैंड लिया है, वह सही नहीं है। मैं खुलकर बात करने वाला व्यक्ति हूं, इसलिए स्पष्ट कह रहा हूं कि यह गलत है। उन्होंने कहा कि बेंच के सामने फुल हाउस की मौजूदगी बताती है कि फैसला सही है। जस्टिस बेला त्रिवेदी एक शानदार जज रही हैं।'

गुजरात समाचार के मालिक को ED ने किया गिरफ्तार, कांग्रेस बोलीं- निष्पक्ष पत्रकारिता को दबाने की कोशिश


जस्टिस गवई (CJI BR Gavai ) ने कहा कि अलग-अलग तरह के जज होते हैं। लेकिन जस्टिस त्रिवेदी ने अपने पूरे जज के करियर में स्पष्टता के साथ बात रखी। बिना किसी भय के फैसले दिए और खूब मेहनत की। वह सुप्रीम कोर्ट की एकता और अखंडता में यकीन रखने वाली जज रही हैं। वहीं जस्टिस मसीह ने अपनी स्पीच में कहा कि जस्टिस त्रिवेदी को बार एसोसिएशन द्वारा विदाई दी जानी चाहिए थी। उन्होंने जस्टिस त्रिवेदी द्वारा जज के रूप में दिखाए गए स्नेह की भी सराहना की।

उन्होंने कहा, 'अजीब बात है और इस बारे में चीफ जस्टिस पहले ही कह चुके हैं। मुझे खेद है, मुझे यह नहीं कहना चाहिए, लेकिन परंपराओं का पालन किया जाना चाहिए और उनका सम्मान किया जाना चाहिए। मुझे यकीन है कि अच्छी परंपराएं हमेशा जारी रहनी चाहिए। मैं बहन (जस्टिस त्रिवेदी) को जीवन में सफलता की शुभकामनाएं देता हूं। मुझे यकीन है कि वह कई लोगों के लिए मार्गदर्शक बनेंगी।'

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

सम्बंधित ख़बरें

सोनिया गांधी का X पर डेब्यू, राजीव गांधी से पहली मुलाकात की कहानी सुनाई

नई दिल्ली: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर डेब्यू किया है। अपने पहले पोस्ट में उन्होंने आगामी आत्मकथा ‘Belonging: A Journey of Love’ का वीडियो साझा किया। इसमें सोनिया गांधी ने…

PM रविवार को वाराणसी में वायुसेना का हवाई प्रदर्शन देखेंगे, भुवनेश्वर में आरबीआई के डेटा सेंटर का करेंगे उद्घाटन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को उत्तर प्रदेश और ओडिशा के दौरे पर जाएंगे। इस दौरान वह वाराणसी में एक नए वस्त्र विनिर्माण केंद्र का उद्घाटन करने के साथ भारतीय वायुसेना के हवाई प्रदर्शन को देखेंगे। इसके बाद…

‘हर चुनौती का डटकर सामना करते हैं हिमवीर’, ITBP जवानों को PM मोदी का संदेश

ITBP Raising Day: भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई बड़े नेताओं ने हिमवीरों को शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने जवानों के साहस, समर्पण और देश के प्रति त्याग की सराहना…

भारत-पोलैंड की दोस्ती पर टस्क का बड़ा संदेश, PM मोदी से रक्षा-व्यापार पर चर्चा

पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के भारत दौरे के बीच उनका एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता से पहले टस्क ने एक्स पर लिखा, ‘हमें कोई नहीं रोक सकता।’ उन्होंने भारत और…