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46 साल से बंद पड़े के इस मंदिर में लगा श्रद्धालुओं का तांता, भारी पुलिस बल तैनात

संभल। महाशिवरात्रि पर यूपी के संभल जिले में स्थित कार्तिकेय महादेव मंदिर (Kartikeya Mahadev Temple) में भक्तों की भीड़ उमड़ी है। दूर-दूर से लोग दर्शन-पूजन और जलाभिषेक के लिए यहां आ रहे हैं। ये मंदिर 46 साल से बंद था, जिसे…

24GhanteOnline
February 26, 2025
2 min read

संभल। महाशिवरात्रि पर यूपी के संभल जिले में स्थित कार्तिकेय महादेव मंदिर (Kartikeya Mahadev Temple) में भक्तों की भीड़ उमड़ी है। दूर-दूर से लोग दर्शन-पूजन और जलाभिषेक के लिए यहां आ रहे हैं। ये मंदिर 46 साल से बंद था, जिसे कुछ महीने पहले ही पुलिस-प्रशासन ने खुलवाया था। कार्तिकेय महादेव मंदिर संभल के मुस्लिम बहुल खग्गू सराय इलाके में है।

दरअसल, ये मंदिर 1978 से बंद था, तब यहां हिंदू आबादी काफी रहा करती थी। मगर 1978 में हुए दंगे के बाद मंदिर (Kartikeya Mahadev Temple) के आसपास रहने वाले हिंदू लोग पलायन कर गए। लेकिन योगी सरकार में प्रशासन की मुस्तैदी के चलते संभल के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में जितने भी मंदिर, कुएं, बावड़ी आदि थे उन्हें फिर से संरक्षित और पुनर्जीवित किया जा रहा है।

इसी बीच खग्गू सराय के इस मंदिर को भी कब्जा मुक्त कराया गया। अब महाशिवरात्रि के मौके पर कार्तिकेय महादेव मंदिर पर जलाभिषेक हो रहा है। लोगों में काफी उत्साह दिखाई दे रहा है। बृजघाट से कावड़ लेकर आए कांवड़ियों ने भी जलाभिषेक किया। मंदिर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर इंस्पेक्टर एवं महिला एसआई सहित पीएसी बल को तैनात किया गया है।

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बीते दिन जिला मजिस्ट्रेट राजेंद्र पेंसिया ने कहा था कि खग्गू सराय के कार्तिकेय महादेव मंदिर, वेरानी शिव मंदिर और सादातबाड़ी शिव मंदिर में बड़ी भीड़ उमड़ने की संभावना है। ऐसे में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और गश्त जारी है।

महाशिवरात्रि के दिन और अगली सुबह मेडिकल टीमें मंदिर परिसर में तैनात हैं। इसके अलावा, श्रद्धालुओं की किसी भी समस्या के समाधान के लिए एक सामान्य नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।

मालूम हो कि श्री कार्तिकेय महादेव मंदिर (Kartikeya Mahadev Temple), जिस भस्म शंकर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, को पिछले साल 13 दिसंबर को फिर से खोल दिया गया था। अधिकारियों ने कहा था कि अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान उन्हें यह ढका हुआ ढांचा मिला था। मंदिर में भगवान हनुमान की मूर्ति और शिवलिंग था। यह सन 1978 से बंद था।

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