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अशुभ मुहूर्त में भूलकर भी न करें होलिका दहन, बन सकता है संकट की वजह

होलिका दहन (Holijka Dahan) केवल लकड़ियों को जलाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह नकारात्मकता को समाप्त करने वाली एक विशेष पूजा है। साल 2026 में होलिका दहन 2 मार्च को किया जाएगा। शास्त्रों के अनुसार, यदि कोई भी धार्मिक…

24GhanteOnline
March 2, 2026
3 min read

होलिका दहन (Holijka Dahan) केवल लकड़ियों को जलाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह नकारात्मकता को समाप्त करने वाली एक विशेष पूजा है। साल 2026 में होलिका दहन 2 मार्च को किया जाएगा। शास्त्रों के अनुसार, यदि कोई भी धार्मिक कार्य उसके निर्धारित समय पर न किया जाए, तो उससे मिलने वाले फलों में कमी आने की आशंका बनी रहती है। यदि बिना सही गणना के गलत समय पर अग्नि जलाई जाए, तो इसका असर परिवार की सुख-शांति और वातावरण पर पड़ सकता है। इस लेख में हम जानेंगे कि गलत मुहूर्त में होलिका दहन करने से किस प्रकार की परेशानियां आ सकती हैं।

गृह क्लेश


शास्त्रों के अनुसार, यदि अग्नि को गलत नक्षत्र या अशुभ समय में जलाया जाता है, तो घर के सदस्यों के बीच कलह और मानसिक अशांति का कारण बन सकता है। मान्यता है कि अग्नि देव की पूजा यदि अनुचित काल में हो, तो इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होती है। ऐसे समय में लोगों के मन में अनावश्यक डर और भ्रम पैदा हो सकता है, जिससे उनकी सहजता कम हो जाती है।

आर्थिक जीवन में बाधाएं


ज्योतिष शास्त्र में भद्रा काल को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। यदि भद्रा के समय होलिका दहन किया जाता है, तो ऐसी मान्यता है कि इससे समाज और राष्ट्र में विघ्न आने की आशंका रहती है। व्यक्ति के निजी जीवन की बात करें तो गलत मुहूर्त में किए गए इस अनुष्ठान से आर्थिक कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं। नए व्यवसाय के संचालन में बाधाएं आ सकती हैं या बनते हुए काम बिगड़ सकते हैं। यदि नियमों की अनदेखी की जाए, तो धन की हानि और परिवार के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ने की आशंका बढ़ जाती है। सही समय पर किया गया पूजन ही मां लक्ष्मी की कृपा दिलाने और जीवन में समृद्धि लाने की संभावना को बढ़ाता है।

ग्रहों की उग्रता और भविष्य की सुरक्षा के सूत्र


होलिका दहन (Holika Dahan) के समय ग्रहों की स्थिति बहुत संवेदनशील होती है। यदि गलत समय पर पूजा की जाए तो ग्रहों की उग्रता के कारण लिए गए फैसले भविष्य में गलत साबित होने की आशंका रहती है। ज्योतिषियों का मानना है कि शुभ मुहूर्त एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है, जो हमें ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव से बचाता है। गलत मुहूर्त में अग्नि का स्पर्श करने से पिता की संपत्ति से जुड़े विवाद या पारिवारिक संबंधों में तनाव को बढ़ा सकता है। अपनी सुरक्षा और बेहतरी के लिए हमेशा पंचांग के अनुसार ही कार्य करना चाहिए। होलिका दहन के समय ईश्वर का ध्यान करना एक बढ़िया विकल्प है, जो आने वाले समय को सुखद बनाने में मदद करता है।

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