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बंजर भूमि को 'अमृत सरोवर' में बदलकर संवारेंगे हर गाँव: केशव प्रसाद मौर्य

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने ग्रामीण विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ग्राम्य विकास विभाग को प्रदेश के हर गाँव और मजरे तक विकास के नए आयाम पहुँचाने के निर्देश दिए हैं। उप…

24GhanteOnline
June 3, 2026
3 min read
बंजर भूमि को 'अमृत सरोवर' में बदलकर संवारेंगे हर गाँव: केशव प्रसाद मौर्य

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने ग्रामीण विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ग्राम्य विकास विभाग को प्रदेश के हर गाँव और मजरे तक विकास के नए आयाम पहुँचाने के निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास विभाग को स्पष्ट रूप से मौखिक निर्देशित किया कि प्रदेश की बंजर भूमि को चिन्हित कर उसे 'अमृत सरोवर' के रूप में परिवर्तित किया जाए।

प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी (Keshav Maurya) का सपना है कि देश का हर गाँव संवारा जाए। हमारी डबल इंजन की सरकार मात्र शहरों या जिला मुख्यालयों के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के प्रत्येक गाँव और मजरे को सजाने, संवारने और वहां बुनियादी सुविधाएं पहुँचाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। — केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री, उ.प्र.

पर्यावरण संतुलन और विकास के नए आयाम


उप मुख्यमंत्री (Keshav Maurya) ने कहा कि इन सरोवरों के माध्यम से न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यावरण का संतुलन भी बेहतर होगा। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि अमृत सरोवरों के निर्माण के साथ-साथ गाँवों के सौंदर्यकरण का भी पूरा ध्यान रखा जाए, ताकि ये ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन और आकर्षण के केंद्र बन सकें।

भीषण गर्मी में बेजुबान पशुओं का सहारा बनेंगे सरोवर


बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी का जिक्र करते हुए केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने कहा कि ये सरोवर केवल जल संचयन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि चिलचिलाती धूप और गर्मी में बेजुबान पशु-पक्षियों के बचाव में बेहद सहायक सिद्ध होते हैं। सरोवरों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होने से ग्रामीण क्षेत्रों में मवेशियों के लिए पीने के पानी की समस्या का स्थाई समाधान होगा।

वर्षा ऋतु से पूर्व धरातल पर उतरेगी कार्ययोजना


आगामी मानसून को देखते हुए उप मुख्यमंत्री (Keshav Maurya) ने अधिकारियों को युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु के प्रारंभ होने से पूर्व ही जल संचयन के लिए एक पुख्ता कार्ययोजना तैयार की जाए। इस योजना को कागजों से निकालकर धरातल पर उतारने के लिए जिला स्तर, ब्लॉक स्तर और ग्राम स्तर के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

उप मुख्यमंत्री (Keshav Maurya) ने कहा कि विकास की यह रूपरेखा केवल चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित न रहकर राज्य के अंतिम पायदान पर मौजूद हर गाँव और मजरे तक पहुँचनी चाहिए। अमृत सरोवरों के चारों ओर वृक्षारोपण कर पर्यावरण संतुलन को मजबूत किया जाए और ग्रामीणों के बैठने व टहलने के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जाए।

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