महिला कांस्टेबल सुसाइड केस में दारोगा और सिपाही पर FIR, खंगाली जा रही चैट हिस्ट्री
अलीगढ़। जिले के रोरावर थाने में तैनात 28 साल की महिला कांस्टेबल हेमलता की मौत (Constable Suicide) से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा गया। अब इस मामले में दो पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज हुआ है। दरअसल, आगरा के किरावली तहसील के…
अलीगढ़। जिले के रोरावर थाने में तैनात 28 साल की महिला कांस्टेबल हेमलता की मौत (Constable Suicide) से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा गया। अब इस मामले में दो पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज हुआ है। दरअसल, आगरा के किरावली तहसील के बैमन गांव की रहने वाली हेमलता की 29 नवंबर को मौत हो गई थी, जिसके बाद उनके परिवार वालों ने उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था।
हेमलता 2016 बैच में यूपी पुलिस में कांस्टेबल के रूप में भर्ती हुई थीं। वह लंबे समय से अलीगढ़ में तैनात थीं और बन्नादेवी थाना क्षेत्र के जवाहर नगर कॉलोनी में रिटायर्ड दारोगा नरेंद्र सिंह विश्नोई के मकान के फर्स्ट फ्लोर पर किराए के एक कमरे में अकेली रह रही थीं। उनकी मौत के 10 दिन बाद यानी 7 दिसंबर तक परिवार ने कासगंज थाने में तैनात दारोगा संदीप कुमार और रोरावर थाने में तैनात सिपाही कुलवीर वाल्यान के खिलाफ आत्महत्या (Suicide) के लिए उकसाने का केस दर्ज कराया। परिवार के मुताबिक वह इस साल शादी करने की प्लानिंग कर रही थीं। परिवार उनके लिए रिश्ता भी देख रहा था।
आत्महत्या (Suicide) से पहले फोन की थी बात
हेमलता पहले बन्नादेवी थाने में तैनात थीं। फिर महिला थाने और आखिर में रोरावर थाने में आईजीआरएस पटल पर ड्यूटी करती थीं। वह थाने से सिर्फ एक किलोमीटर दूर अकेले रहती थीं। उनके पिता करमवीर सिंह आगरा के बैमन गांव में किसान हैं। भाई उपेंद्र सिंह ने केस दर्ज कराते हुए बताया कि हेमलता ने रोरावर थाने में ड्यूटी पूरी की और शाम को घर लौट आईं। रात को पिता से फोन पर बात हुई, जिसमें वह नॉर्मल लग रही थीं।
व्हाट्सएप स्टेट्स लगाकर मांगी माफी
29 नवंबर को हेमलता ने थाने को फोन कर एक दिन की इमरजेंसी लीव (छुट्टी) मांगी, जो उन्हें दे दी गई। फिर जब दोपहर तक वह थाने नहीं पहुंचीं तो उन्हें फोन किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद दोपहर 2 से 3 बजे हेमलता ने व्हाट्सएप स्टेटस पर सुसाइड नोट जैसा मैसेज पोस्ट करते हुए लिखा, “मुझे माफ कर देना मेरी वजह से किसी को परेशानी न हो।”
इसके एक साथी महिला कांस्टेबल ने यह स्टेटस देखा और तुरंत रोरावर थाने को सूचना दी। थाने ने बन्नादेवी थाने को अलर्ट किया। फिर 3 से 4 बजे बन्नादेवी थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और देखा तो दरवाजा अंदर से बंद था। पड़ोसियों की मदद से छत के रास्ते अंदर गए। आंगन के लोहे के जाल पर नायलॉन रस्सी से बने फंदे पर हेमलता लटकी मिलीं। उन्हें उतारकर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
फॉरेंसिक टीम ने मौके पर इंस्पेक्शन किया। कमरा अंदर से लॉक था, कोई जबरदस्ती के निशान भी नहीं मिले। पड़ोसियों ने बताया कि शुक्रवार रात या शनिवार सुबह एक युवक पुलिस की बाइक पर आया था, जो अब तक फरार है। 30 नवंबर को रिपोर्ट आई, जिसमें आत्महत्या की पुष्टि हुई। हालांकि, 1 दिसंबर की एक रिपोर्ट में न तो हत्या की पुष्टि हुई और न ही आत्महत्या की, कोई जहर या बाहरी चोट के भी स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले।
सीओ कमलेश कुमार और डीएसपी कमलेश सिंह ने इसे आत्महत्या बताया। इसकी वजह उन्होंने व्हाट्सएप स्टेटस, लॉक कमरा, कोई बाहरी हस्तक्षेप न दिखना को बताया। डीआईजी प्रभाकर चौधरी ने कहा कि जांच सभी पहलुओं पर चल रही है, लेकिन शुरुआती सबूत सुसाइड की ओर इशारा करते हैं। पिता करमवीर सिंह ने बेटी के अंतिम संस्कार के बाद कहा कि मेरी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती। रात को ही फोन पर ठीक लग रही थी। उसे गला घोंटकर मारा गया है। फिर फंदे पर लटका दिया गया। वह इतनी मजबूत थी, टूटने वाली नहीं। कोई छुपा राज है। उन्होंने हत्या का शक जताया, लेकिन शुरुआत में लिखित शिकायत नहीं दी।
मृतका के भाई उपेंद्र सिंह ने कासगंज कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया और हेमलता ने दारोगा संदीप कुमार से शादी की इच्छा जताई थी। लेकिन बाद में उनका ट्रांसफर कासगंज हो गया। सिपाही कुलवीर वाल्यान रोरावर थाने में तैनात है, जहां हेमलता का ट्रांसफर हुआ। दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चला, लेकिन बताया जा रहा है कि शादी का दबाव डालकर हेमलता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
CDR और चैट हिस्ट्री की जांच की जा रही
हेमलता ने संदीप से शादी की बात की, लेकिन ट्रांसफर के बाद रिश्ता टूटा। रोरावर में कुलवीर से मुलाकात हुई। हेमलता ने कुलवीर से कई बार शादी की इच्छा जताई। दोनों ने शादी का झांसा देकर धोखा दिया, दबाव बनाया और फोन पर परिजन को जान से मारने की धमकी दी। इससे हेमलता इतनी टूट गईं कि आत्महत्या करने को मजबूर हुईं। दोनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
भाई उपेंद्र ने मुकदमे के बाद कहा कि न्याय मिलना चाहिए। परिवार ने चचेरी बहन की शादी स्थगित कर दी। अलीगढ़ एसएसपी ने विशेष टीम गठित की। आरोपी दारोगा और सिपाही की लोकेशन ट्रैक हो रही है। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त से फरार है। दोनों के मोबाइल फोन की CDR और चैट हिस्ट्री की जांच की जा रही है। हेमलता का मोबाइल भी कब्जे में लिया गया है।
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