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मुख्यमंत्री का निर्देश, जिन आंगनबाड़ी केंद्रों के खुद के भवन नहीं, उनका कराएं निर्माण

लखनऊ:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि सभी आंगनबाड़ी (Anganwadi ) केंद्रों को उनके स्वयं के भवनों में संचालित करने हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में 03 से 06…

24GhanteOnline
February 27, 2026
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लखनऊ:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि सभी आंगनबाड़ी (Anganwadi ) केंद्रों को उनके स्वयं के भवनों में संचालित करने हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में 03 से 06 वर्ष आयु के बच्चे आते हैं और ये केंद्र प्री-प्राइमरी के रूप में भी उपयोगी हैं। ऐसे में बच्चों की सुविधा, पठन-पाठन की उत्कृष्ट व्यवस्था तथा भवनों का आकर्षक स्वरूप सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 1.89 लाख से अधिक आंगनबाड़ी (Anganwadi ) केंद्र संचालित हैं, जिनमें से लगभग 76 हजार केंद्र अभी अपने स्वयं के भवनों में नहीं चल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन भवनों के निर्माण में कॉरपोरेट-सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) का सहयोग लिया जा सकता है और आवश्यकतानुसार राज्य सरकार भी वित्तीय सहयोग प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि आंगनबाड़ी (Anganwadi ) केंद्रों के लिए प्री-फैब्रिकेटेड मॉडल अपनाया जा सकता है। उन्होंने एक मानक मॉडल तैयार कर विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि जहाँ भी संभव हो, प्राथमिक विद्यालयों के प्रांगण में ही बाल-मित्र आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण किया जाए, ताकि शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य से संबंधित एकीकृत सेवाएँ एक ही स्थान पर सहजता से उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा के दौरान कहा कि बच्चों, गर्भवती माताओं और समुदाय को सुरक्षित, स्वच्छ तथा आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल भवन नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों की बुनियाद हैं। राज्य सरकार आंगनबाड़ी ढाँचे को पूरी तरह रूपांतरित करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। यह मिशन ‘स्वस्थ बचपन-समर्थ उत्तर प्रदेश’ को नई गति देगा।

बैठक में अवगत कराया गया कि प्रस्तावित नए आंगनबाड़ी भवनों का मॉडल समावेशी एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। इसमें पेयजल सुविधा, विद्युत व्यवस्था, शौचालय, खेल-आधारित गतिविधियों हेतु पर्याप्त ‘प्ले एरिया’, किचन शेड, हॉट-कुक्ड मील की व्यवस्था, लो-हाइट वॉश यूनिट, बाल-मित्र शौचालय, गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु पृथक कक्ष तथा रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सहित पोषण वाटिका जैसी व्यवस्थाएँ शामिल होंगी।

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