24 घण्टे ऑनलाइन

योगी सरकार में जल गुणवत्ता का परीक्षण: जल जीवन मिशन बना ग्रामीण महिलाओं की आय का नया जरिया

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के तहत फील्ड टेस्टिंग किट (एफटीके) अभियान को महिला सशक्तीकरण और स्वावलंबन का बड़ा जरिया बना दिया है। प्रदेश के 97 हजार से अधिक गांवों में महिलाओं के…

24GhanteOnline
May 28, 2026
3 min read

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के तहत फील्ड टेस्टिंग किट (एफटीके) अभियान को महिला सशक्तीकरण और स्वावलंबन का बड़ा जरिया बना दिया है। प्रदेश के 97 हजार से अधिक गांवों में महिलाओं के विशेष समूह को इससे जोड़कर न केवल स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण ग्रामीण जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, बल्कि उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम भी बनाया गया है। गांवों में पानी की शुद्धता जांचने के बदले मिलने वाले मानदेय से ग्रामीण महिलाओं के लिए अतिरिक्त आय और स्वरोजगार के नए रास्ते भी खुले हैं।

नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के विशेष सचिव एवं एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रभास कुमार ने बताया कि इस मिशन के तहत प्रदेश के लगभग समस्त ग्राम पंचायतों और राजस्व गांवों में 05-05 महिलाओं के समूह को फील्ड टेस्टिंग किट उपलब्ध कराई गयी है। वर्तमान में प्रदेश के लगभग 97,070 गांवों में इन प्रशिक्षित महिलाओं द्वारा पूरी सक्रियता के साथ जल गुणवत्ता परीक्षण का कार्य किया जा रहा हैं। यह महिलाएं अपने-अपने क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों एवं घरेलू नलों के जल नमूनों की नियमित जांच कर रही हैं। गुणवत्ता जांच की इस निरंतरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस चालू वित्तीय वर्ष में अब तक लगभग 63,700 जल गुणवत्ता नमूनों का परीक्षण पूरा किया जा चुका है।

पानी की जांच के लिए लंबा इंतजार खत्म


ग्राम स्तर पर यह महिलाएं एफटीके के जरिए पाइप लाइन, ट्यूबवेल समेत अन्य पेयजल स्रोतों में हानिकारक रसायनों और बैक्टीरिया का पता लगा रही हैं। संदिग्ध या दूषित जल स्रोतों की समय पर पहचान होने पर विभाग को तुरंत सूचना देती हैं, ताकि दूषित पानी से होने वाली विभिन्न जलजनित बीमारियों की रोकथाम तुरंत की जा सके। पहले जहां पानी की जांच के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब फील्ड टेस्टिंग किट के माध्यम से दूषित जल स्रोतों का पता चलते ही उन पर तत्काल कार्रवाई करना संभव हो पा रहा है।

अतिरिक्त आय और स्वरोजगार का माध्यम


यह कार्यक्रम न केवल पानी की शुद्धता सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का जरिया भी बन रहा है। फील्ड टेस्टिंग कार्य से जुड़ी इन महिलाओं को उनके द्वारा किए जाने वाले परीक्षण कार्य के लिए निर्धारित दरों के अनुसार भुगतान (मानदेय) किया जा रहा है। इन्हें प्रति जांच 20 रुपये की दर से अधिकतम 20 जांच के लिए 400 रुपये का भुगतान मिल रहा है। यह व्यवस्था ग्रामीण परिवेश में रह रही महिलाओं के लिए अतिरिक्त आय अर्जित करने और स्वरोजगार से जुड़ने का एक बेहतरीन माध्यम बन गई है।

महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण


महिलाओं को इस कार्य के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के अंतर्गत 'जल गुणवत्ता निगरानी एवं सर्विलांस कार्यक्रम' के तहत विशेष तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है।

1. फील्ड टेस्टिंग किट (एफटीके) को सही तरीके से संचालित करना।
2. विभिन्न पेयजल स्रोतों से जल नमूनों का सुरक्षित संग्रहण (कलेक्शन) करना।
3. पानी में मौजूद विभिन्न प्रकार के पैरामीटर्स की बारीकी से जांच करना।
4. जांच के बाद तैयार रिपोर्टिंग को मोबाइल ऐप और रजिस्टर में दर्ज करना।
5. सुरक्षित पेयजल के मानकों एवं स्वच्छता से जुड़ी अन्य आवश्यक जानकारियां प्राप्त करना।

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

सम्बंधित ख़बरें

तमिलनाडु विधानसभा में जबरदस्त बवाल, डीएमके विधायकों को मार्शल ने सदन से बाहर निकाला

तमिलनाडु विधानसभा में मंगलवार को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की ओर से डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन पर लगाए गए आरोपों को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। डीएमके विधायकों ने मुख्यमंत्री के ईडी दस्तावेजों पर आधारित बयान को सदन की…

30 साल का इंतजार खत्म! हरियाणा-राजस्थान जल समझौते पर लगी मुहर, अमित शाह की मौजूदगी में MOU साइन

नई दिल्ली/चंडीगढ़। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में सोमवार को हरियाणा और राजस्थान के बीच जल बंटवारे को लेकर एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण समझौता (Water Agreement MoU) संपन्न हुआ है। इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान…

पंजाब में सबसे बड़ा संकट नशा, सरकार बनते ही करेंगे खात्मा: नायब सैनी

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ( CM Nayab Saini) ने कहा कि आज पंजाब में सबसे बड़ा संकट बढ़ता नशा है। नशे से अनेक घर बर्बाद और माताओं की गोद सूनी हो गई। जो युवा देश की सबसे बड़ी ताकत होता है, वह आज नशे की…

एमडीएमके ने डीएमके से तोड़ा नाता, वाइको बोले- चुनावी गठबंधन पर बाद में होगा फैसला

चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (MDMK) की महासभा ने शनिवार को द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन से अलग होने का…