जेवर से बढ़ेगी यूपी की औद्योगिक रफ्तार
ग्रेटर नोएडा/लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को औद्योगिक निवेश, रोजगार और आधुनिक अवस्थापना के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास…

ग्रेटर नोएडा/लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को औद्योगिक निवेश, रोजगार और आधुनिक अवस्थापना के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। सोमवार को प्राधिकरण की 92वीं बोर्ड बैठक में औद्योगिक विकास, चिकित्सा शिक्षा, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, परिवहन, खेल और किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में लिए गए फैसलों से जेवर-नोएडा एयरपोर्ट क्षेत्र को एक एकीकृत औद्योगिक एवं संस्थागत हब के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी आएगी। मेडिकल हब, यूनिवर्सिटी टाउनशिप, अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, इंटरस्टेट बस अड्डा, ताइवान सिटी और फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर जैसी योजनाएं क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगी।
500 एकड़ में बनेगा मेडिकल हब-
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय प्राधिकरण के संस्थागत भू-उपयोग वाले सेक्टर-13 और सेक्टर-14 में 500 एकड़ भूमि पर मेडिकल हब की स्थापना से जुड़ा है। इसके साथ ही सेक्टर-14 में 480 एकड़ भूमि पर यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने की योजना को भी आगे बढ़ाया गया है। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं और उच्च शिक्षा के नए अवसर विकसित होंगे। मेडिकल हब और यूनिवर्सिटी टाउनशिप के विकसित होने से आसपास के क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा और संबंधित सेवाओं से जुड़े रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
50 एकड़ में आधुनिक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के निर्माण को मंजूरी-
खेल प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का मंच उपलब्ध कराने की दिशा में सेक्टर-23डी में लगभग 50 एकड़ भूमि आधुनिक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के लिए चिन्हित की गई है। स्टेडियम के विकास से क्षेत्र में बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की संभावनाएं बढ़ेंगी। साथ ही स्थानीय और प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण एवं प्रतिस्पर्धात्मक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
36 एकड़ में बनेगी आधुनिक मंडी-
किसानों को बेहतर बाजार और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सेक्टर-34 में लगभग 36 एकड़ भूमि पर मंडी की स्थापना के लिए भूमि चिन्हित की गई है। आधुनिक मंडी के माध्यम से कृषि उत्पादों के विपणन, भंडारण और व्यापार से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम होगा। इससे क्षेत्र के किसानों को व्यवस्थित बाजार व्यवस्था उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
नोएडा एयरपोर्ट के पास बनेगा इंटरस्टेट बस अड्डा-
जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास तेजी से बढ़ती यातायात जरूरतों को देखते हुए सेक्टर-23सी में अंतर्राज्यीय बस अड्डे की स्थापना के लिए भूमि चिन्हित करने का निर्णय लिया गया है। इससे एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों, उद्यमियों और आम लोगों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी। एयरपोर्ट, औद्योगिक क्षेत्रों और आसपास विकसित हो रहे नए शहरी क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को भी इससे मजबूती मिलेगी।
300 एकड़ में बनेगी ताइवान सिटी-
उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी विनिर्माण क्षेत्र में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। सेक्टर-06 में ताइवान सिटी स्थापित करने के लिए 300 एकड़ भूमि आरक्षित करने के प्रस्ताव को बोर्ड ने मंजूरी दी। इस परियोजना से ताइवान आधारित कंपनियों और तकनीकी विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े निवेश को आकर्षित करने की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स, तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी।
125 एकड़ में बनेगा फार्मास्युटिकल फॉर्मूलेशन मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर-
उत्तर प्रदेश को फार्मा मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में भी बोर्ड बैठक में बड़ा फैसला लिया गया। सेक्टर-06 में लगभग 100 से 125 एकड़ भूमि पर समर्पित फार्मास्युटिकल फॉर्मूलेशन मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित करने के लिए भूमि आरक्षित करने का निर्णय लिया गया। इस क्लस्टर में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय गुड्स मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (जीएमपी) मानकों के अनुरूप दवाओं के निर्माण से जुड़ी इकाइयों को स्थापित करने की परिकल्पना की गई है। यहां टैबलेट्स, कैप्सूल्स, इंजेक्टेबल, ओरल लिक्विड, टॉपिकल प्रिपरेशन और फिनिश्ड डोसेज फॉर्म्स जैसी औषधियों के निर्माण की इकाइयां स्थापित किए जाने की योजना है। इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फार्मा कंपनियों के निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे। साथ ही उत्तर प्रदेश को ग्लोबल फार्मा वैल्यू चैन में महत्वपूर्ण स्थान दिलाने और राज्य को अग्रणी फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
मेडिकल डिवाइस पार्क में अंतरराष्ट्रीय स्तर की टेस्टिंग सुविधा-
मेडिकल डिवाइस क्षेत्र को मजबूत करने के लिए यमुना प्राधिकरण के मेडिकल डिवाइस पार्क में एफडीए की एक्रीडेशन स्कीम फॉर कन्फॉर्मिटी असेसमेंट (एएससीए) के अनुरूप मेडिकल डिवाइस टेस्टिंग फैसिलिटी स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। परियोजना के तकनीकी, वित्तीय और संस्थागत पहलुओं के परीक्षण के लिए टेक्निकल एक्सपर्ट कमेटी गठित करने का प्रस्ताव भी बोर्ड ने अनुमोदित किया। वर्तमान में भारतीय चिकित्सा उपकरण निर्माताओं को उत्पादों की टेस्टिंग और कन्फॉर्मिटी असेसमेंट के लिए कई मामलों में विदेश स्थित प्रयोगशालाओं पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे लागत और समय दोनों बढ़ते हैं। प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय स्तर की टेस्टिंग सुविधा से देश के मेडिकल डिवाइस निर्माताओं और एमएसएमई इकाइयों को घरेलू स्तर पर बेहतर परीक्षण सुविधा मिल सकेगी। इस सुविधा में इलेक्ट्रिकल सेफ्टी, इलेक्ट्रोमैगनेटिक कंपैटिबिलिटी, मैकेनिकल परफॉर्मेंस, सॉफ्टवेयर वैलिडेशन, स्टेरलाइजेशन और पैकेजिंग वैलिडेशन जैसी सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इससे मेडिकल डिवाइस क्षेत्र में निवेश और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
आगरा में करबन नदी पर बनेगा कलवर्ट-
आगरा जनपद में यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत यमुना एक्सप्रेसवे की चैनेज 161.21 पर सर्विस रोड में करबन नदी के ऊपर कलवर्ट (माइनर ब्रिज) के निर्माण को भी बोर्ड ने मंजूरी दी। वर्तमान में बारिश के मौसम में अत्यधिक जलभराव के कारण सर्विस रोड पर आवागमन बाधित हो जाता है। कलवर्ट निर्माण के बाद वर्षा के दौरान भी यातायात को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी और स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
किसानों से भूमि खरीद की दरों में वृद्धि-
क्षेत्र में तेज औद्योगिक और अवस्थापना विकास को देखते हुए किसानों से सहमति के आधार पर भूमि क्रय दरों के पुनर्निर्धारण के प्रस्ताव को भी बोर्ड ने मंजूरी दी। प्रस्ताव के अनुसार प्राधिकरण क्षेत्र के फेज-1 में गौतमबुद्धनगर और बुलंदशहर जनपद में सुनियोजित विकास के लिए उपयोगी भूमि को आपसी सहमति से खरीदने की वर्तमान दर 4,300 रुपये प्रति वर्ग मीटर से बढ़ाकर 4,558 रुपये प्रति वर्ग मीटर करने का निर्णय लिया गया है। यह दर 6 प्रतिशत वृद्धि के आधार पर होगी। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में 4,037 रुपये प्रति वर्ग मीटर तथा 7 प्रतिशत आबादी भूखंड सहित भूमि क्रय का विकल्प भी निर्धारित किया गया है।
प्राधिकरण की आय में 90 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी-
बोर्ड बैठक में प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति भी प्रस्तुत की गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 31 जुलाई 2025 तक प्राधिकरण की कुल प्राप्तियां 974.37 करोड़ रुपये थीं, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 जुलाई 2026 तक यह बढ़कर 1,853.74 करोड़ रुपये हो गईं। इस प्रकार पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में कुल प्राप्तियों में 90.25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। विशेष रूप से औद्योगिक/मिक्स लैंड योजना के तहत 1,195.99 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई, जो इस मद में पूरे वर्ष के लिए निर्धारित बजट का 86.17 प्रतिशत है। वहीं, 31 जुलाई 2025 तक प्राधिकरण का कुल व्यय 1,308.57 करोड़ रुपये था, जबकि 31 जुलाई 2026 तक यह बढ़कर 3,690.64 करोड़ रुपये रहा। इसमें भूमि अधिग्रहण तथा विभिन्न बैंकों से लिए गए ऋण की अदायगी पर 3,371 करोड़ रुपये का व्यय किया गया।
निवेश, रोजगार और अवस्थापना को मिलेगी नई गति-
यमुना प्राधिकरण की 92वीं बोर्ड बैठक में लिए गए फैसलों को जेवर एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे नए आर्थिक क्षेत्र के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। मेडिकल हब, यूनिवर्सिटी टाउनशिप, फार्मा क्लस्टर, मेडिकल डिवाइस टेस्टिंग सुविधा, ताइवान सिटी, अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम और इंटरस्टेट बस अड्डे जैसी परियोजनाओं के जरिए औद्योगिक निवेश, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और कनेक्टिविटी को एक साथ गति देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की दिशा में आगे बढ़ाने तथा विकसित भारत@2047 के लक्ष्य के अनुरूप राज्य में विश्वस्तरीय औद्योगिक और निवेश इकोसिस्टम तैयार करने के प्रयासों में यमुना प्राधिकरण क्षेत्र की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है।
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