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शिक्षा जगत की शिकायतों पर डिप्टी सीएम की पैनी नजर, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

लखनऊ। आज नेता सदन विधान परिषद एवं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) की अध्यक्षता में विधान परिषद कक्ष संख्‍या 77 में बेसिक, माध्‍यमिक एवं उच्‍च शिक्षा से संबंधित सदन में उठाये गये विषयों पर अधिकारियों को…

24GhanteOnline
January 28, 2026
3 min read
शिक्षा जगत की शिकायतों पर डिप्टी सीएम की पैनी नजर, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

लखनऊ। आज नेता सदन विधान परिषद एवं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) की अध्यक्षता में विधान परिषद कक्ष संख्‍या 77 में बेसिक, माध्‍यमिक एवं उच्‍च शिक्षा से संबंधित सदन में उठाये गये विषयों पर अधिकारियों को निर्देश दिये। प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के लिए पूरी तरह से एक्शन मोड में है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने विधान परिषद में विपक्ष के नेताओं द्वारा उठाए गए शिक्षा संबंधी गंभीर मुद्दों पर संज्ञान लेते हुए विभाग के उच्च अधिकारियों को तलब किया और सख्त निर्देश जारी किए हैं। नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव सहित 9 अन्य विधान परिषद सदस्यों ने बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को सदन के पटल पर रखा था, जिस पर अब शासन स्तर पर बड़ी हलचल शुरू हो गई है।

शिक्षा जगत की शिकायतों पर केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) की पैनी नजर


विधान परिषद में चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्यों ने शिक्षकों की भर्ती, विद्यालयों के बुनियादी ढांचे और छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं में हो रही देरी जैसे महत्वपूर्ण विषयों को उठाया था। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने इन सभी बिंदुओं को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सदन में उठाए गए हर एक सवाल का समाधान समयबद्ध तरीके से होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बेसिक और माध्यमिक शिक्षा में सुधार के लिए बनेगा रोडमैप


अधिकारियों के साथ हुई इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग की जो भी विसंगतियां हैं, उन्हें जल्द से जल्द दूर किया जाए। उन्होंने शिक्षकों की लंबित समस्याओं और पेंशन से जुड़े मामलों पर भी तेजी से कार्रवाई करने की बात कही। डिप्टी सीएम ने जोर देकर कहा कि सदस्यों द्वारा जो भी सुझाव या शिकायतें दी गई हैं, उनका त्वरित निस्तारण कर संबंधित सदस्यों को भी सूचित किया जाए ताकि शासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय बना रहे।

उच्च शिक्षा में पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर


सिर्फ स्कूल ही नहीं, बल्कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में भी पठन-पाठन के माहौल को बेहतर बनाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए मौर्य ने कहा कि रिसर्च और नई शिक्षा नीति (NEP) के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि फाइलों को लटकाने की पुरानी संस्कृति को खत्म कर 'डिलीवरी' पर ध्यान दें। विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों को केवल राजनीतिक न मानकर, उन्हें जनहित के सुधार के रूप में देखने की सलाह भी उन्होंने विभाग को दी है।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती रजनी तिवारी , नेता प्रतिपक्ष विधानपरिषद लाल बिहारी यादव , MLC इं. अवनीश सिंह , MLC चन्‍द्र शर्मा , MLC देवेन्‍द्र प्रताप सिंह , MLC राज बहादुर चन्‍देल , MLC उमेश द्विवेदी , MLC मानवेन्‍द्र सिंह गुरू , MLC बाबू लाल तिवारी , MLC डा0 आकाश अग्रवाल , MLC हरि सिंह ढिल्‍लो , MLC धु्व त्रिपाठी एवं पार्थ सारथी सेन शर्मा, अपर मुख्‍य सचिव, माध्‍यमिक/बेसिक शिक्षा, प्रमुख सचिव, उच्‍च शिक्षा महेंद्र प्रसाद अग्रवाल, श्रीमती नीतिका रानी – डी.., स्कूल शिक्षा, अवधेश कुमार तिवारी – विशेष सचिव, कृष्ण कुमार गुप्ता – विशेष सचिव, माध्यमिक शिक्षा, उमेश चन्द्र – विशेष सचिव, माध्यमिक शिक्षा, रतनुज कुमार – विशेष सचिव एवं अन्‍य शिक्षा विभाग के अधिकारीगण उपस्थित हुए।

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