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सुरक्षित बचपन और समृद्ध किसान, डबल इंजन सरकार की यही है पहचान: केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने आज 'अंतरराष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस' (International Children's Day) तथा 'विश्व दुग्ध दिवस' (World Milk Day) के अवसर पर समस्त देशवासियों और…

24GhanteOnline
June 1, 2026
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने आज 'अंतरराष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस' (International Children's Day) तथा 'विश्व दुग्ध दिवस' (World Milk Day) के अवसर पर समस्त देशवासियों और प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उप मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं और उनका सुरक्षित बचपन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही, उन्होंने भारत को दुग्ध उत्पादन में वैश्विक पटल पर शीर्ष पर बनाए रखने के लिए देश के करोड़ों पशुपालकों, विशेषकर ग्रामीण महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों की 'दीदियों' के भागीरथी प्रयास सराहनीय हैं ।

बाल रक्षा और कल्याण के लिए समर्पित डबल इंजन सरकार की उपलब्धियां


केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार बच्चों के सुरक्षित, स्वस्थ और स्वर्णिम भविष्य के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है:
• मिशन वात्सल्य और बाल सुरक्षा: अनाथ, बेसहारा और संकटग्रस्त बच्चों को पारिवारिक माहौल और वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए 'मिशन वात्सल्य' के तहत हजारों बच्चों को सीधे लाभान्वित किया गया है।
• मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना: कोविड काल में या अन्य आपदाओं में अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों के लिए शुरू की गई इस योजना के तहत बच्चों को ₹4,000 प्रति माह की वित्तीय सहायता, मुफ्त शिक्षा और बालिकाओं के विवाह हेतु सहायता राशि दी जा रही है।
• कुपोषण के खिलाफ जंग (सक्षम आंगनवाड़ी): प्रदेश में 'पोषण अभियान' के तहत लाखों आंगनवाड़ी केंद्रों को 'सक्षम आंगनवाड़ी' के रूप में अपग्रेड किया गया है। 'हॉट कुक्ड मील योजना' के माध्यम से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को गर्म पका हुआ पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है, जिससे प्रदेश में बाल कुपोषण की दर में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है।
• स्कूल चलो अभियान और ऑपरेशन कायाकल्प: 'ऑपरेशन कायाकल्प' के तहत प्रदेश के 1.35 लाख से अधिक प्राथमिक विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं, स्मार्ट क्लास और बाल-अनुकूल बुनियादी ढांचे से लैस किया गया है, जिसके फलस्वरूप सरकारी स्कूलों में छात्र नामांकन का नया रिकॉर्ड बना है।
• बाल श्रम उन्मूलन और कड़े कानून: बाल श्रम और बाल विवाह के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। पॉक्सो (POCSO) अदालतों के जरिए बच्चों के खिलाफ अपराधों में त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जा रहा है।

दुग्ध उत्पादन में भारत का विश्व में परचम (आंकड़ों की जुबानी)


'विश्व दुग्ध दिवस' के अवसर पर उप मुख्यमंत्री (Keshav Maurya) ने आंकड़ों के साथ डबल इंजन सरकार की सफलताओं को साझा करते हुए कहा कि आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश बन चुका है: वैश्विक दुग्ध उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी अब लगभग 25% तक पहुंच चुकी है। भारत के कुल दुग्ध उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है, जो देश के कुल उत्पादन में लगभग 15-16% का योगदान देता है। उत्तर प्रदेश में वार्षिक दुग्ध उत्पादन 33 मिलियन टन (319 लाख मीट्रिक टन) से अधिक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है।

श्वेत क्रांति में कमाल कर रही हैं स्वयं सहायता समूह (SHG) की दीदियां


उप मुख्यमंत्री (Keshav Maurya) ने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के तहत काम कर रही स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि, "आज हमारी ग्रामीण दीदियां डेयरी सेक्टर की रीढ़ बन चुकी हैं और कमाल कर रही हैं।

• ' बलिहारी' और महिला डेयरी दुग्ध उत्पादक कंपनियाँ: बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा संचालित 'बलिहारी' जैसी दुग्ध उत्पादक कंपनियों ने श्वेत क्रांति ला दी है। राज्य में ऐसी कई महिला दुग्ध उत्पादक कंपनियां सक्रिय हैं, जिनका टर्नओवर करोड़ों में है।
• आर्थिक स्वावलंबन और दूध कलेक्शन: प्रदेश के हजारों गांवों में 'माहौल बदलने वाली दीदियां' स्वचालित दुग्ध संकलन केंद्रों (AMCC) का संचालन खुद कर रही हैं। दूध की टेस्टिंग से लेकर कंप्यूटर आधारित तौल और सीधे बैंक खाते में भुगतान (DBT) का प्रबंधन दीदियों के हाथों में है, जिससे बिचौलियों का राज खत्म हुआ है।
• पोषण और आजीविका का संगम: स्वयं सहायता समूहों की दीदियां न केवल दूध कलेक्शन कर रही हैं, बल्कि आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए 'पुष्टाहार' का निर्माण भी स्वयं कर रही हैं, जिससे बाल रक्षा (पोषण) और महिला सशक्तीकरण दोनों लक्ष्य एक साथ पूरे हो रहे हैं।

जब गाँव की एक महिला सशक्त होती है, तो पूरा परिवार और आने वाली पीढ़ी सुरक्षित होती है। स्वयं सहायता समूहों की हमारी दीदियों ने दूध उत्पादन से लेकर बाल पोषण तक में जो कमाल किया है, वह नए आत्मनिर्भर भारत की जीती-जागती तस्वीर है।— केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री (Keshav Maurya) 

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