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संगम नगरी में 'सरस मेला' का भव्य आगाज: उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया उद्घाटन

प्रयागराज | आज प्रयागराज के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में ग्रामीण शिल्प, संस्कृति और स्वरोजगार के संगम 'क्षेत्रीय सरस मेला' का भव्य उद्घाटन प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) द्वारा दीप…

24GhanteOnline
March 14, 2026
2 min read
संगम नगरी में 'सरस मेला' का भव्य आगाज: उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया उद्घाटन

प्रयागराज | आज प्रयागराज के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में ग्रामीण शिल्प, संस्कृति और स्वरोजगार के संगम 'क्षेत्रीय सरस मेला' का भव्य उद्घाटन प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने मेले में लगे विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया और ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के प्रयासों की सराहना की।

सरकार की योजनाओं और विकास पर चर्चा


उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने कहा कि सरस मेला ग्रामीण कलाकारों और शिल्पकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का एक सशक्त मंच प्रदान करता है। उन्होंने "वोकल फॉर लोकल" के मंत्र को दोहराते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मेले के पहले दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया:


• सांसद रवि किशन: मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद गोरखपुर सांसद और प्रसिद्ध अभिनेता रवि किशन ने अपनी चिरपरिचित शैली में भोजपुरी गाने गाकर जनसमूह को झूमने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने गीतों के बीच-बीच में प्रदेश व केंद्र सरकार की जनहितकारी उपलब्धियों का बखान किया और बताया कि कैसे सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य कर रही है।
• अनामिका अम्बर: प्रख्यात कवयित्री अनामिका अम्बर ने अपनी ओजस्वी और मधुर कविताओं से कार्यक्रम में समां बांध दिया। उनकी रचनाओं पर भीड़ ने जमकर तालियाँ बजाईं और "वन्स मोर" के नारों से पूरा परेड ग्राउंड गूँज उठा।
• तृप्ति शाक्य: प्रख्यात गायिका तृप्ति शाक्य ने अपनी सुरीली आवाज में भक्तिपूर्ण भजन प्रस्तुत किए, जिससे माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक और भावविभोर हो गया।

मेले की मुख्य विशेषताएँ


• हस्तशिल्प प्रदर्शनी: देश के विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकारों द्वारा निर्मित मिट्टी के बर्तन, जूट के उत्पाद, और पारंपरिक वस्त्र।
• व्यंजन दीर्घा: विभिन्न प्रांतों के पारंपरिक व्यंजनों के स्टाल।
• महिला सशक्तिकरण: स्वयं सहायता समूहों (SHGs) द्वारा तैयार उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी।

यह सरस मेला आगामी 10 दिनों तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम और व्यापारिक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। जिला प्रशासन ने सुरक्षा और स्वच्छता के पुख्ता इंतजाम किए हैं।

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