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ब्राह्मणों को उम्मीदवार बनाने से सपा में बढ़ी बेचैनी: मायावती

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती (Mayawati) ने सोमवार को दावा करते हुए कि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के तहत जब से पार्टी ने ब्राह्मण समाज सहित अपर कास्ट के लोगों को…

24GhanteOnline
June 22, 2026
2 min read

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती (Mayawati) ने सोमवार को दावा करते हुए कि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के तहत जब से पार्टी ने ब्राह्मण समाज सहित अपर कास्ट के लोगों को उम्मीदवार बनाना शुरु कर दिया है तब से विपक्षी दलों विशेषकर समाजवादी पार्टी (सपा) में बेचैनी बढ़ गई है।

मायावती (Mayawati) ने सोमवार को एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वर्ष 2007 की तरह ब्राह्मण समाज के योगदान से बसपा को पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जैसा ही इस बार के आगामी चुनाव परिणाम के रिपीट होने की संभावना के तहत स्वाभाविक ही प्रतीत होता है। वैसे भी यह सर्वविदित है कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल आबादी वाले प्रदेश में अपरकास्ट में से खासकर ब्राह्मण समाज का हित बसपा में ही सुरक्षित है।

’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के सिद्धान्त, नीयत व नीति को बहुजन समाज पार्टी ने पहले पार्टी स्तर पर अमल करके और फिर सरकार बनने पर भी उन्हें भरपूर आदर-सम्मान के साथ-साथ उन्हें हर स्तर पर पूरी-पूरी भागीदारी दी है। दूसरी पार्टियों की सरकारों में इस वर्ग के लोग पिछले काफी समय से अपने आपको काफी उपेक्षित, असुरक्षित व ठगा हुआ भी महसूस कर रहे हैं।

बसपा प्रमुख (Mayawati) ने आगे कहा कि इतना ही नहीं बल्कि ब्राह्मण समाज द्वारा सामाजिक भाईचारा के आधार पर बसपा से जुड़ने की इनकी तैयारियों को ध्यान में रखकर इन्हें पार्टी उम्मीदवार बनाने की प्रक्रिया जारी है। मायावती ने कहा कि बसपा की सरकार बनती है तो उन्हें पहले की तरह ही हर स्तर पर भरपूर आदर-सम्मान दिया जायेगा। इसके साथ ही, अपरकास्ट में से क्षत्रिय, वैश्य आदि व अन्य समाज के लोगों को भी उनकी बसपा से जुड़ने की तैयारी अर्थात् 'जिसकी जितनी तैयारी उसकी उतनी भागीदारी' के आधार पर चुनाव में उम्मीदवार भी जरूर बनाया जायेगा, जिसकी तैयारी हर स्तर पर लगातार जारी है।

मायावती (Mayawati) ने कहा कि बसपा दूसरी पार्टियों की तरह कुछ लोगों को 'लॉलीपाप' थमाने की संकीर्ण व स्वार्थ की राजनीति नहीं करती है, बल्कि पूरे समाज के हित व कल्याण की चिन्ता करना अपना संवैधानिक कर्तव्य समझती है। इसीलिये बसपा की नीति व कार्यक्रम जनहित व जनकल्याण तथा अपराध नियंत्रण व क़ानून व्यवस्था के मामले में भी देश व जनहित में बेहतरीन होते हैं।

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