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कांग्रेस और सपा कभी भी बहुजन समाज की हितकारी नहीं: मायावती

लखनऊ। कांशीराम की जयंती पर बसपा सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने उन्हें श्रद्धाजंलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, ये पार्टियां कभी भी बहुजन समाज की हितकारी…

24GhanteOnline
March 15, 2026
3 min read
कांग्रेस और सपा कभी भी बहुजन समाज की हितकारी नहीं: मायावती

लखनऊ। कांशीराम की जयंती पर बसपा सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने उन्हें श्रद्धाजंलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, ये पार्टियां कभी भी बहुजन समाज की हितकारी नहीं है। इन दलों से बहुजन समाज के हित व कल्याण की आशा करना रेगिस्तान में पानी तलाशने जैसा है। इन पार्टियों के छलावा व दिखावा से सावधान रहना जरूरी है।

बसपा सुप्रीमो (Mayawati) ने मॉल एवेन्यू स्थित केंद्रीय कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में आह्वान किया कि बहुजन समाज के लोग बसपा मूवमेंट से जुड़कर मिशनरी अंबेडकरवादी बनें। अपने वोटों की शक्ति से सत्ता की मास्टर चाबी हासिल करें। बसपा ही डॉ. अंबेडकर के नक्शे-कदम पर चलने वाली ’असली पार्टी’ है। सपा व अन्य विरोधी दलों की कथनी व करनी में बड़ा अंतर है। सांसदी और विधायकी आदि का प्रलोभन देकर बहुजन समाज के वोट की शक्ति को कमजोर करने वाले इन दलों के साथ निजी लाभ व स्वार्थ के लिए पार्टी व मूवमेंट से दगा करने वालों से भी दूरी रखनी जरूरी है।

उन्होंने आगे कहा, वास्तव में दलितों, अन्य पिछड़ों व मुस्लिम समाज आदि का हर स्तर पर शोषण करने वाली पार्टियों में भी ख़ासकर सपा व अब इनका पीडीए प्रेम विशुद्ध छलावा है तथा इनको इन वर्गों व इनके महापुरुषों की याद इन्हें केवल चुनाव के समय में ही आती है। सरकार बन जाने के बाद वे भी उन वर्गों को उसी तरह तिरस्कृत कर देतीं हैं जिस प्रकार दूसरी विरोधी पार्टियां करती हैं।

इस प्रकार, सपा, कांग्रेस व भाजपा आदि की तरह, ‘बहुजन समाज’ के लिये काम की कम व नाम की पार्टी ज़्यादा है, यह कोई आरोप नहीं बल्कि यही इन पार्टियों का इतिहास है, कोई कम तो कोई ज़्यादा है। साथ ही, ख़ासकर मुस्लिम समाज के इन पार्टियों से काफी हद तक अलग होने व ब्राह्मण समाज के बसपा से जुड़ने से सपा की राजनीतिक व जातिवादी वैरता और तीव्र हो गयी लगती है।

उन्होंने (Mayawati) आगे कहा, कांग्रेस पार्टी द्वारा संविधान निर्माता बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को भारतरत्न से सम्मानित नहीं करने की तरह ही वर्तमान में केन्द्र की बीजेपी / एनडीए सरकार भी बुहजन नायक कांशीराम जी को भारतरत्न से सम्मानित करने में और देरी ना करे, क्योंकि देश में संविधान की मंशा के अनुसार ‘समतामूलक समाज’ तैयार करने के मामले में उनका योगदान ऐतिहासिक है और इस कारण वे भी लोगों के दिलों में बसते हैं। कांशीराम जी ने अपने मिशन पर पूरी ज़िद के साथ काम करते हुये ‘बहुजन समाज’ को बसपा के बैनर तले एकजुट करके ना केवल राजनीतिक शक्ति बनायी बल्कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल व महत्वपूर्ण राज्य में सरकार बनायी और मुझे मुख्यमंत्री भी बनाया।

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