24 घण्टे ऑनलाइन

चीन में वायरस की वापसी! स्कूल बना हॉटस्पॉट, 100 से ज्यादा छात्र संक्रमित

चीन के शहर वुहान से शुरू हुए कोविड-19 ने पूरी दुनिया में कहर मचाया था। अब एक बार फिर एक और वायरस दहशत फैला रहा है। इस वायरस का नाम नोरोवायरस (Norovirus) है। यह वायरस फैलता जा रहा है। एक स्कूल में अब 100 से ज्यादा छात्र…

24GhanteOnline
January 17, 2026
2 min read

चीन के शहर वुहान से शुरू हुए कोविड-19 ने पूरी दुनिया में कहर मचाया था। अब एक बार फिर एक और वायरस दहशत फैला रहा है। इस वायरस का नाम नोरोवायरस (Norovirus) है। यह वायरस फैलता जा रहा है। एक स्कूल में अब 100 से ज्यादा छात्र संक्रमित पाए गए हैं।

दक्षिणी चीन के ग्वांगडोंग प्रांत के फोशान शहर के एक सीनियर हाई स्कूल में 103 छात्र नोरोवायरस से संक्रमित पाए गए। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि कोई भी मामला गंभीर नहीं है और न ही किसी की मौत हुई है।

नोरोवायरस (Norovirus) एक आम वायरस है जिसका असर पेट में होता है। यह वायरस पेट के संक्रमण का कारण बनता है, इससे उल्टी और डायरिया होता है। शिंगहुई मिडिल स्कूल के छात्रों में भी ऐसे ही लक्षण दिखे। सभी 103 छात्रों की हालत स्थिर है। स्कूल परिसर को सैनिटाइज कर दिया गया है और छात्रों की सेहत पर निगरानी रखी जा रही है।

68.5 करोड़ लोग नोरोवायरस (Norovirus) से संक्रमित होते


नोरोवायरस (Norovirus) वायरसों का एक ग्रुप है, इसमें काफी ज्यादा उल्टी होती है और दस्त होते हैं। यह बीमारी बहुत आम है और बहुत जल्दी फैलती है। नोरोवायरस के मामले ज्यादातर सर्दियों में सामने आते हैं। अमेरिका में यह खाने से फैलने वाली बीमारियों का नंबर 1 कारण है।

हर साल दुनिया भर में लगभग 68.5 करोड़ लोग नोरोवायरस से संक्रमित होते हैं। इनमें 5 साल से कम उम्र के करीब 20 करोड़ बच्चे शामिल हैं। यह वायरस हर साल करीब 2 लाख लोगों की मौत का कारण बनता है, जिनमें लगभग 50 हजार बच्चे होते हैं। इसका असर खासतौर पर गरीब देशों में ज्यादा देखा जाता है। इलाज और आर्थिक नुकसान मिलाकर इससे दुनिया को करीब 60 अरब डॉलर का नुकसान होता है।

1968 में आया था पहला केस


नोरोवायरस (Norovirus) का पहला बड़ा मामला 1968 में अमेरिका के ओहायो राज्य के नॉरवॉक शहर में सामने आया था। यह घटना एक स्कूल से जुड़ी थी, जहां एक साथ कई लोग बीमार पड़ गए थे। इसी के बाद वैज्ञानिकों ने इस बीमारी पर रिसर्च शुरू कर दी थी।

चूंकि यह बीमारी सबसे पहले नॉरवॉक शहर में पहचानी गई थी, इसलिए इस वायरस को शुरुआत में नॉरवॉक वायरस कहा गया। बाद में इसी वायरस को नोरोवायरस के नाम से जाना जाने लगा।

नोरोवायरस गैस्ट्रोएंटेराइटिस यानी पेट के संक्रमण का कारण बनता है, जिसे लोग कभी-कभी स्टमक फ्लू कहते हैं।

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

सम्बंधित ख़बरें

अयोध्या दीपोत्सव की भव्यता दुनियाभर में पहुंचाएगा हाईटेक मीडिया सेंटर

अयोध्या : योगी सरकार अयोध्या में दीपोत्सव-2026 के आयोजन की तैयारियों में जुटी है। दीपोत्सव की भव्यता दुनियाभर में सुचारु ढंग से पहुंचाने के लिए हाईटेक मीडिया सेंटर तैयार किया जा रहा है। यहां पर कंप्यूटर, प्रिंटर,…

एशिया की रैंकिंग में सीसीएसयू की बड़ी छलांग, 694वें स्थान पर पहुंचा

मेरठ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण, शोधपरक और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप बनाने के प्रयास अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी परिणाम दिखाने लगे हैं। प्रदेश के…

Deepotsav: सरयू तट पर बनेगा नया कीर्तिमान, 2100 से अधिक लोग एक साथ करेंगे महाआरती

अयोध्या। रामनगरी में इस बार सरयू आरती नया कीर्तिमान स्थापित करने की तैयारी में है। 07 नवंबर को होने वाली सामूहिक आरती में 2100 से अधिक लोग शामिल होंगे। आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई…

दीपोत्सव में लगाए गए वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रमुख स्थलों पर संभाली कमान

अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और मार्गदर्शन में अयोध्या के दीपोत्सव को भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप देने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियों को निर्णायक गति दी है। दीपोत्सव के विभिन्न कार्यक्रमों को…