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स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाने वाले मूर्तिकार का निधन, 100 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार (Ram Sutar) का निधन हो गया है। नोएडा के सेक्टर 19 स्थित अपने आवास पर लगभग 100 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को इन्होंने ही डिजाइन…

24GhanteOnline
December 18, 2025
2 min read

प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार (Ram Sutar) का निधन हो गया है। नोएडा के सेक्टर 19 स्थित अपने आवास पर लगभग 100 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को इन्होंने ही डिजाइन किया था। हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘महाराष्ट्र भूषण’ से सम्मानित किया था। इससे पहले वे पद्मश्री, पद्मभूषण और टैगोर पुरस्कार से भी नवाजे जा चुके थे।

राम सुतार (Ram Sutar) का जन्म 19 फरवरी 1925 को महाराष्ट्र के धुले जिले के गोंडूर गांव में एक साधारण बढ़ई परिवार में हुआ था। बचपन से ही कला के प्रति उनका गहरा झुकाव था। उनकी प्रतिभा को उनके गुरु रामकृष्ण जोशी ने पहचाना और उन्हें मुंबई के प्रतिष्ठित जे।जे। स्कूल ऑफ आर्ट्स में दाखिला लेने के लिए प्रेरित किया। यहीं से उनकी मूर्तिकला की यात्रा शुरू हुई, जो आगे चलकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय ख्याति तक ले गई।

सरकारी नौकरी छोड़ बनाने लगे मूर्तियां


1959 में राम सुतार (Ram Sutar) दिल्ली आए और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में नौकरी शुरू की, लेकिन कला के प्रति समर्पण इतना गहरा था कि कुछ समय बाद उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह मूर्तिकला को ही अपना जीवन बना लिया। 1961 में गांधीसागर बांध पर देवी चंबल की 45 फुट ऊंची प्रतिमा ने उन्हें राष्ट्रीय पहचान दिलाई। इसके बाद संसद भवन परिसर में गोविंद वल्लभ पंत की आदमकद प्रतिमा सहित कई महत्वपूर्ण कृतियां उन्होंने तैयार कीं।

संसद भवन परिसर में स्थापित महात्मा गांधी की ध्यान मुद्रा वाली प्रतिमा उनकी सबसे चर्चित रचनाओं में से एक है। इसके अलावा महाराजा रणजीत सिंह, छत्रपति साहू महाराज, इंदिरा गांधी, जयप्रकाश नारायण, महात्मा फुले, पंडित नेहरू और शिवाजी महाराज की प्रतिमाएं भी देश के कई हिस्सों में स्थापित हैं।

इन्होंने इन प्रसिद्ध मूर्तियों को दिया आकार


राम सुतार (Ram Sutar) ने पत्थर, संगमरमर और कांस्य जैसे कई माध्यमों में काम किया, लेकिन कांस्य उनकी सबसे प्रिय धातु रही। उनकी सर्वाधिक प्रसिद्ध कृति गुजरात में स्थित 182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी है, जो आज भी विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है। इसके अलावा बेंगलुरु की विशाल शिव प्रतिमा, पुणे के मोशी में संभाजी महाराज की प्रतिमा और अयोध्या के लता मंगेशकर चौक पर स्थापित विशाल वीणा भी उनकी कला का उदाहरण हैं।

दक्षिण गोवा में श्री संस्थान गोकर्ण जीवोत्तम मठ में भगवान राम की 77 फुट ऊंची कांसे की भव्य प्रतिमा राम सुतार की नवीनतम कृति है।

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