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बुंदेलखंड की 90 हजार ग्रामीण महिलाओं ने किया दो हजार करोड़ से अधिक का कारोबार

लखनऊ: एक वक्त था जब बुंदेलखंड (Bundelkhand) की पहचान सूखे, पलायन और गरीबी से थी। लेकिन आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इसी बुंदेलखंड की ग्रामीण महिलाएं देश के सामने आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहीं हैं।…

24GhanteOnline
March 30, 2026
2 min read
बुंदेलखंड की 90 हजार ग्रामीण महिलाओं ने किया दो हजार करोड़ से अधिक का कारोबार

लखनऊ: एक वक्त था जब बुंदेलखंड (Bundelkhand) की पहचान सूखे, पलायन और गरीबी से थी। लेकिन आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इसी बुंदेलखंड की ग्रामीण महिलाएं देश के सामने आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहीं हैं। बुंदेलखंड की करीब 90 हजार महिलाओं ने दो हजार करोड़ रुपये से अधिक का सामूहिक कारोबार खड़ा कर इतिहास रच दिया है। झांसी जिले से शुरू हुई यह यात्रा आज बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, जालौन, ललितपुर और महोबा में सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है।

प्रतिदिन लगभग तीन लाख लीटर दूध का संग्रह-

1143 गांवों में फैले इस नेटवर्क में महिलाएं प्रतिदिन लगभग तीन लाख लीटर दूध का संग्रह कर रहीं हैं। बलिनी एमपीसीएल से जुड़ी महिलाएं अब तक दो हजार करोड़ से अधिक का कारोबार कर चुकीं हैं।

पहले जहां बिचौलियों के कारण दूध का वाजिब मूल्य नहीं मिल पाता था, वहीं अब सीधे बैंक खातों में भुगतान होता है। प्रशिक्षण, पशु चिकित्सा सेवाएं, वित्तीय सहायता और उपलब्ध बाजार ने इन महिलाओं को सच्चे अर्थों में उद्यमी बना दिया है। महिलाओं का यह समूह अब ग्रामीण डेयरी व्यवसाय का राष्ट्रीय मॉडल बन रहा है। 

परिवार और समाज में आया बदलाव-

घर की आर्थिक जिम्मेदारी उठाते हुए बुंदेलखंड की महिलाएं अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिला रहीं हैं, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बना रहीं हैं और सामाजिक रूप से भी सशक्त हो रहीं हैं। जो महिला पहले घर की दहलीज तक सीमित थीं, आज वे ग्राम स्तरीय बैठकों में निर्णय ले रहीं हैं।

प्रदेश के सभी जिलों तक पहुंचेगी योजना-

योगी सरकार ने इस मॉडल को प्रदेश के 31 जिलों तक पहुंचा दिया है, जिसके तहत महिलाओं के नेतृत्व वाले दुग्ध उत्पादन का कुल कारोबार 5,000 करोड़ रुपये के ऊपर पहुंच गया है। जल्द ही इसे प्रदेश के सभी जिलों तक पहुंचाने की योजना है, जिससे ग्रामीण महिलाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। यह महज एक व्यावसायिक उपलब्धि नहीं, बल्कि योगी सरकार की योजनाओं का जीवंत प्रमाण है, जहां बुंदेलखंड (Bundelkhand) की बेटियां अब पूरे देश को दिशा दिखा रहीं हैं।

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