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रूसी राष्ट्रपति पुतिन सितंबर में आएंगे भारत: BRICS शिखर सम्मेलन 2026 में होंगे शामिल

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Putin) आगामी 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले BRICS (ब्रिक्स) शिखर सम्मेलन 2026 में हिस्सा लेने के लिए भारत आएंगे। क्रेमलिन के वरिष्ठ सहयोगी यूरी उशाकोव ने मंगलवार (19…

24GhanteOnline
May 19, 2026
3 min read

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Putin) आगामी 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले BRICS (ब्रिक्स) शिखर सम्मेलन 2026 में हिस्सा लेने के लिए भारत आएंगे। क्रेमलिन के वरिष्ठ सहयोगी यूरी उशाकोव ने मंगलवार (19 मई) को इस हाई-प्रोफाइल और महत्वपूर्ण यात्रा की आधिकारिक पुष्टि की है। भारत और रूस के बीच लगातार गहराते रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा सहयोग के बीच राष्ट्रपति पुतिन की इस यात्रा को वैश्विक भू-राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

एक साल के भीतर दूसरा भारत दौरा:


वैश्विक समीकरणों के बीच खास बात यह है कि एक साल से भी कम समय के भीतर राष्ट्रपति पुतिन (Putin) की यह दूसरी भारत यात्रा होगी। इससे पहले वे दिसंबर 2025 में आयोजित 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने दिल्ली आए थे। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद वह उनका पहला भारत दौरा था, जबकि उससे पहले वे 2021 में भारत आए थे। इतनी जल्दी उनका दोबारा भारत आना दोनों देशों के अटूट द्विपक्षीय और रणनीतिक रिश्तों को दर्शाता है।

ऊर्जा संकट के बीच रूस का भरोसा:


यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब पश्चिम एशिया संकट (विशेषकर अमेरिका-ईरान तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यवधान) के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें करीब 105 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। इस वैश्विक तेल संकट के बीच 'दोस्त देश' रूस ने भारत को आश्वस्त किया है कि वह भारत में ऊर्जा (क्रूड ऑयल) की सप्लाई को प्रभावित नहीं होने देगा।

ब्रिक्स सम्मेलन के मुख्य मुद्दे:


दिल्ली में होने वाले इस ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इस बार वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों, आर्थिक सहयोग, व्यापार, तकनीकी साझेदारी और एक 'बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था' (Multipolar World Order) को मजबूत करने जैसे गंभीर मुद्दों पर विशेष फोकस रहने की उम्मीद है।

ठोस द्विपक्षीय तंत्र:


भारत और रूस के बीच 'वार्षिक शिखर सम्मेलन तंत्र' लागू है, जिसके तहत दोनों देशों के शीर्ष नेता हर साल बारी-बारी से एक-दूसरे के देश का दौरा कर द्विपक्षीय संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा करते हैं। अब तक ऐसे 23 सफल शिखर सम्मेलन आयोजित हो चुके हैं।

राष्ट्रपति पुतिन की यह आगामी यात्रा हाल ही में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के भारत दौरे के ठीक बाद तय हुई है। सर्गेई लावरोव ने 14 और 15 मई को दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय 'BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक' में हिस्सा लिया था, जिसकी अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने की थी। राजनयिक विशेषज्ञों का मानना है कि सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की इस मुलाकात से दोनों देशों के बीच जारी उच्च-स्तरीय संपर्कों और रणनीतिक साझेदारी को एक नई मजबूती मिलेगी।

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