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Sawan: दिन में तीन बार रंग बदलता है ये शिवलिंग, महादेव पूरी करते हैं हर मुराद

हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में रंग बदलने वाला शिवलिंग (Shivling) आस्था का केंद्र है। श्रावण मास में इस शिवलिंग की पूजा अर्चना करने वाले शिव भक्तों और कावड़ यात्रियों का ताता शिव मंदिर में लगा रहता है। आस्था और…

24GhanteOnline
July 12, 2025
3 min read

हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में रंग बदलने वाला शिवलिंग (Shivling) आस्था का केंद्र है। श्रावण मास में इस शिवलिंग की पूजा अर्चना करने वाले शिव भक्तों और कावड़ यात्रियों का ताता शिव मंदिर में लगा रहता है। आस्था और विश्वास के साथ इस स्वयंभू शिव मंदिर की पूजा अर्चना का दौर वैसे तो 12 महीने चलता है, लेकिन श्रावण के महीने में इस स्थल पर शिव भक्तों का हुजूम सा उमड़ आता है इस शिवलिंग (Shivling) के चमत्कार निराले हैं और खासकर पुलिस विभाग की आस्था मंदिर से ज्यादा ही जुड़ी हुई है। नेता अभिनेता और पर्यटक सभी यहां पर शिवलिंग के चमत्कार देखने के लिए आते हैं।

यह शिवलिंग लगातार आकार बदल रहा है दिन के तीन पहर में यह शिवलिंग (Shivling) तीन बार रंग बदलता है। मंदिर के पास स्थित शिव कुंड अपने विशेष चमत्कारों के लिए जाना जाता है। संकट हरण सकाहा का यह क्षेत्र भूत भभूत आवधड़ दानी निराकार साकार नीलकंठ के चमत्कारों के लिए जाना जाता है।

भोलेनाथ को कमल पुष्प चढ़ाकर संतान प्राप्ति की मांगते हैं मन्नत


हरदोई जिले के बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र में स्थित संकट हरण सकाहा के विशेष शिव मंदिर की चमत्कारिक महिमा निराली है। इस मंदिर के शिवलिंग का आकार दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है। शिवलिंग दिन भर में 3 बार रंग बदलता है। संतान प्राप्ति के लिए लोग यहां भोलेनाथ को कमल पुष्प चढ़ाकर मन्नत मांगते दिखाई पड़ते हैं। मंदिर के पास में ही स्थित शिव कुंड और बीचों-बीच में पीपल का वृक्ष पर्यटन की दृष्टि से अति शोभायमान है। लोगों का यह भी मानना है कि शिव कुंड में स्नान करने से कुष्ठ रोग जैसी बीमारी ठीक हो जाती हैं।

कुंड गहरा होने की वजह से पुलिस की ड्यूटी कुंड पर लगातार लगी रहती है। निर्गुण निराकार साकार भोलेनाथ की शिवलिंग को श्रावण मास में कावड़ यात्री और शिव भक्त दुग्ध अभिषेक जलाभिषेक पुष्प, बेलपत्र, भांग-धतूरा, चंदन, शहद, दही आदि चढ़ाकर प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं।

जागृत है शिवलिंग (Shivling)


संकट हरण सकाहा मंदिर के पुजारी प्रशांत गोस्वामी ने बताया कि यह शिवलिंग जागृत है यह दिन में तीन बार रंग बदलता है। सुबह काला दोपहर में भूरा और शाम को नीला दिखाई देता है। इस शिवलिंग का आकार लगातार बढ़ रहा है। शिवलिंग पुत्र दाता के नाम से भी प्रसिद्ध है। प्राचीन कहानी के मुताबिक थाना अध्यक्ष बेटा गोकुल ने रिटायरमेंट के 2 साल पहले मन्नत मांगी थी कि उन्हें संतान प्राप्ति हो उनकी मन्नत पूरी होने के बाद उनके द्वारा इस शिवलिंग को खुदवा कर थाने में स्थापित कराने की कोशिश की गई थी।

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लेकिन 7 पहल तक खोदने के बाद पानी आता गया और शिवलिंग (Shivling) की गहराई बढ़ती चली गई। उसके बाद में थाना अध्यक्ष ने इसका जीर्णोद्धार कराया था। तभी से पुलिस विभाग भी इस मंदिर की सेवा करता है। पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने बताया कि सकाहा समेत जनपद के समस्त मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था इन दिनों बढ़ा दी गई है शिव भक्तों कावड़ यात्रियों को किसी भी प्रकार की समस्या ना हो उसके प्रयास किए जा रहे हैं।

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