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शीतकालीन यात्राः आस्था के पथ पर नया अध्याय

देहरादून : शीतकाल में पहाड़ पर इस बार भी वीरानी नहीं है, जो कि चार धामों के कपाट बंद हो जाने के बाद अक्सर दिखाई देती थी। पिछले वर्ष से शुरू हुई शीतकालीन यात्रा (Sheetkaleen Yatra) के बाद पहाड़ में तस्वीर बदली हुई है।…

24GhanteOnline
January 31, 2026
3 min read
शीतकालीन यात्राः आस्था के पथ पर नया अध्याय

देहरादून : शीतकाल में पहाड़ पर इस बार भी वीरानी नहीं है, जो कि चार धामों के कपाट बंद हो जाने के बाद अक्सर दिखाई देती थी। पिछले वर्ष से शुरू हुई शीतकालीन यात्रा (Sheetkaleen Yatra) के बाद पहाड़ में तस्वीर बदली हुई है। यात्रियों की चहल-पहल सुखद अनुभूति करा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल भर पहले उत्तराखंड आकर जिस शीतकालीन यात्रा का प्रमोशन किया था, वह अब तेजी से आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार के भगीरथ प्रयासों से उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा एक नया अध्याय लिख रही है।

चारों धामों से संबंधित पांडुकेश्वर, ऊखीमठ, मुखवा और खरसाली जैसे शीतकालीन प्रवास स्थलों तक देश-दुनिया के यात्री अच्छी-खासी संख्या में पहुंच रहे हैं। इस बार चार धाम यात्रा के कपाट बंद होने के बाद से अभी तक 34,140 यात्री इन स्थानों पर पहुंच चुके हैं। अभी करीब ढाई महीने शीतकालीन यात्रा (Sheetkaleen Yatra) अभी और चलनी है। यह लगातार दूसरा वर्ष है, जबकि राज्य सरकार के स्तर पर सफलतापूर्वक शीतकालीन यात्रा का संचालन किया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में जब पहली बार यह यात्रा शुरू की गई, तो तब 73,381 यात्री शीतकालीन यात्रा पर उत्तराखंड आए थे।

शीतकालीन यात्रा (Sheetkaleen Yatra) में ऊखीमठ सबसे आगे-

-शीतकालीन यात्रा (Sheetkaleen Yatra) में अभी तक सबसे ज्यादा यात्री बाबा केदारनाथ के गद्दीस्थल ऊखीमठ पहुंचे हैं। चार धाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन के विशेष कार्याधिकारी डॉ . प्रजापति नौटियाल के अनुसार-अभी तक सबसे ज्यादा 20,338 यात्रियों ने ऊखीमठ में दर्शन किए हैं। इसके बाद, ज्योर्तिमठ में यात्री पहुंचे हैं। खरसाली और मुखवा में भी लगातार यात्री दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं। डॉ .नौटियाल के अनुसार-एक से डेढ़ हजार यात्री प्रतिदिन उत्तराखंड पहुंचकर शीतकालीन प्रवास स्थलों पर दर्शन कर रहा है।

शीतकाल में पर्यटक स्थलों पर भी चहल-पहल

-शीतकालीन यात्रा (Sheetkaleen Yatra) के प्रमोशन के बाद तमाम पर्यटक स्थलों पर भी काफी यात्री पहुंच रहे हैं। राज्य सरकार की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा पर्यटक शीतकाल में उत्तराखंड पहुंचे। इस क्रम में स्नो लैपर्ड टूर, टूर एंड ट्रैवल्स कॉन्कलेव जैसे आयोजनों पर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है।

शीतकालीन यात्रा (Sheetkaleen Yatra) लगातार दूसरे वर्ष भी सफलतापूर्वक ढंग से चल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने पिछली बार मुखवा व हर्षिल आकर जिस तरह से उत्तराखंड की इस यात्रा का देश-दुनिया में प्रमोशन किया, उसके सार्थक नतीजे निकल रहे हैं। देश-दुनिया के लोग शीतकाल में भी उत्तराखंड आकर पवित्र स्थलों के दर्शन कर रहे हैं। यहां के प्राकृतिक सौंदर्य को देख रहे हैं। बारहमासी यात्रा की सफलता से स्थानीय लोगों का रोजगार भी फल-फूल रहा है। राज्य सरकार शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है।

-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

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