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मैं आ रही हूं..., शेख हसीना ने दिए बांग्लादेश वापसी के संकेत

ढाका। बांग्लादेश की निर्वासित पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) ने पहली बार मोहम्मद यूनुस और अंतरिम सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हसीना ने यूनुस को चोर और बांग्लादेश की सरकार को आतंकवादियों की सरकार…

24GhanteOnline
April 8, 2025
2 min read

ढाका। बांग्लादेश की निर्वासित पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) ने पहली बार मोहम्मद यूनुस और अंतरिम सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हसीना ने यूनुस को चोर और बांग्लादेश की सरकार को आतंकवादियों की सरकार बताया है। हसीना ने जल्द बांग्लादेश वापस लौटने की भी बात कही है।

सोशल मीडिया पर आवामी लीग के कार्यकर्ताओं से बात करते हुए हसीना (Sheikh Hasina) ने कहा कि मैं मरी नहीं, इसका मतलब है कि मैं फिर से वापस बांग्लादेश आऊंगी। अल्लाह ने लोगों को संदेश दे दिया है। वापस आने के बाद अंतरिम सरकार और उनके लोगों को जेल से लेकर अदालत तक मैं घसीटूंगी।

बांग्लादेश को यूनुस ने आतंकवादियों का देश बना दिया


हसीना vका कहना था कि मेरे रहते बांग्लादेश का खूब विकास हुआ था। लोग उसे एक विकसित राष्ट्र के रूप में देखते थे, लेकिन यूनुस और उनके लोगों ने उसे आतंकवादियों का देश बना दिया है। वहां रोज मर्डर हो रहे हैं, लेकिन सरकार को कोई मतलब नहीं है।

हसीना के मुताबिक बांग्लादेश में पत्रकारों और वकीलों के बोलने पर पाबंदी लगा दी गई है। ऐसे लोगों के साथ जल्द ही न्याय किया जाएगा। उन्होंने यूनुस पर सरकारी पैसों से ऐश-ओ-आराम करने का आरोप लगाया।

कार्यकर्ताओं से कहा- मैं जिंदा हूं


बातचीत के दौरान आवामी लीग के कार्यकर्ताओं के एक सवाल के जवाब में हसीना (Sheikh Hasina) ने कहा- मैं जिंदा हूं और मैं जल्द ही बांग्लादेश आऊंगी। आप सभी लोग धैर्य बनाकर रहें। आपके साथ न्याय होगा। जो भी लोग आपको मारने के लिए आ रहे हैं, उन्हें खोज-खोजकर लाया जाएगा।

हसीना ने कहा कि अल्लाह के घर में देर है, लेकिन अंधेर नहीं। इस दौरान उन्होंने आवामी लीग के कार्यकर्ताओं से बांग्लादेश के बारे में जानकारी भी ली।

अल्लाह ने मुझे किसी वजह से जिंदा रखा - हसीना (Sheikh Hasina) 


हसीना ने इस दौरान कार्यकर्ताओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि मैं हर बार बच क्यों जाती हूं? आतंकवादियों ने मेरे पिता, माता और भाई को मार दिया, लेकिन उस वक्त भी मैं बच गई।

उन्होंने आगे कहा मुझे मारने की पिछली बार भी कोशिश की गई, लेकिन मैं बच गई। अल्लाह की मर्जी क्या है, मुझे नहीं पता, लेकिन बांग्लादेश में कुछ जरूर अच्छा होने वाला है।

शेख हसीना का यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब बिम्सटेक की बैठक में बांग्लादेश के चीफ एडवाइजर ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हसीना को सौंपने की अपील की थी।

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