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यूपी में बढ़ा धार्मिक टूरिज्म, काशी, अयोध्या, मथुरा और प्रयागराज बने देश के फेवरेट टूरिस्ट डेस्टिनेशन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश, भारतीय संस्कृति और इतिहास का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, लेकिन वर्ष 2017 से पहले की सरकारों में उपेक्षित पड़े पर्यटन स्थलों को सीएम योगी आदित्यनाथ के शासन काल में न केवल पुनर्जीवित किया गया है, बल्कि…

24GhanteOnline
January 21, 2026
3 min read

लखनऊ। उत्तर प्रदेश, भारतीय संस्कृति और इतिहास का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, लेकिन वर्ष 2017 से पहले की सरकारों में उपेक्षित पड़े पर्यटन स्थलों को सीएम योगी आदित्यनाथ के शासन काल में न केवल पुनर्जीवित किया गया है, बल्कि परिवहन, हॉस्पिटैलिटी और कनेक्टिविटी को मजबूत बनाया। एयरपोर्ट, ट्रेन-बस सेवाओं तथा होटल-होम स्टे की सुविधाओं से प्रदेश में विदेशी पर्यटकों (Tourist) की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस क्रम में भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में प्रदेश में 137 करोड़ से अधिक घरेलू पर्यटकों का आगमन हुआ, जबकि 3.66 लाख विदेशी पर्यटकों ने प्रदेश की यात्रा की। इस आधार पर उत्तर प्रदेश वर्ष 2025 में घरेलू पर्यटकों के मामले में देश में पहला और विदेशी पर्यटकों (Tourist) की संख्या के आधार पर चौथा राज्य बन कर उभरा है। इस उपलब्धि की बड़ी वजह प्रयागराज में आयोजित दिव्य-भव्य महाकुंभ-2025 रही, जहां रिकॉर्ड 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। साथ ही प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं के अभूतपूर्व विकास ने यूपी टूरिज्म (UP Tourism) को नए मुकाम पर पहुंचा दिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में बनी उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2022 ने प्रदेश में पर्यटन के बहुआयामी विकास को सुनिश्चित किया। इसके तहत up-tourismportal.in पर 1757 पर्यटन इकाइयों का पंजीकरण हो चुका है, जबकि 37,688.58 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा विभाग ने इस वर्ष प्रदेश में पर्यटन के विकास के लिए 1283.33 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू कीं। जिनमें वाराणसी के घाटों का सौंदर्यीकरण, एकीकृत सर्किट हाउस और कन्वेंशन सेंटर का निर्माण, चित्रकूट में कालिंजर एकीकृत मार्ग तथा राम वन गमन मार्ग पर पर्यटक सुविधा केंद्रों का विकास प्रमुख हैं। मुरादाबाद के भगवानपुर मंदिर, शाहजहांपुर के अजीताश्रम योगकुंज (जन्मस्थली), वाल्मीकिनगर में लवकुश कुटी, त्रेतायुग भूमि कुटी, भरतकोठी, सीता रसोई और कौसल्या स्थल का जीर्णोद्धार तेजी से हो रहा है। इसी क्रम में जिला पर्यटन इकाइयों के माध्यम से 7 करोड़ रुपये की लागत से पांच नई परियोजनाएं प्रारंभ हुईं।

पर्यटन एवं संस्कृति विभाग समय-समय पर कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कराता है, जिसने प्रदेश में पर्यटन को नई ऊंचाइयां प्रदान की हैं। इस क्रम में अयोध्या के भव्य दीपोत्सव के आयोजन के साथ काशी में देव दीपावली का आयोजन भी पर्यटकों के आकर्षण का बड़ा कारण बन चुका है। गंगा घाट पर राम कथा, कथक-नृत्य, 3-डी होलोग्राम और प्रोजेक्शन मैपिंग ने समा बांधा। वहीं होली पर ब्रज क्षेत्र में रंगोत्सव, रामनगर की चिल्का होली, काशी की होली तथा मथुरा की लठमार होली ने पर्यटकों (Tourist) को यूपी आने पर विवश किया। इस वर्ष घाघरा महोत्सव, ब्रह्मा महोत्सव, मकर संक्रांति महोत्सव, दूधई मेला, गाजीपुर महोत्सव, वाराणसी महोत्सव, चित्रकूट का लालगढ़ मेला जैसे आयोजनों से पर्यटक संख्या, राजस्व और स्थानीय रोजगार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

योगी सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश पर्यटन का वैश्विक केंद्र बन कर उभर रहा है, यहां के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों का जो कायाकल्प हुआ है वो विश्व भर के पर्यटकों (Tourist) का सबसे प्रमुख आकर्षण बना है। यह न केवल प्रदेश में आर्थिक उन्नति ला रहा, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित भी कर रहा है।

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