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लखनऊ समेत कई जिलों में जमीनों के सर्किल रेट का जल्द पुनरीक्षण कराएगी योगी सरकार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार (Yogi Government) लखनऊ समेत कई जिलों में जल्द ही जमीनों के सर्किल रेट (Circle Rate) का पुनरीक्षण कराने जा रही है। जिन जनपदों में वर्षों से जमीनों की…

24GhanteOnline
March 10, 2025
3 min read

लखनऊ। उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार (Yogi Government) लखनऊ समेत कई जिलों में जल्द ही जमीनों के सर्किल रेट (Circle Rate) का पुनरीक्षण कराने जा रही है। जिन जनपदों में वर्षों से जमीनों की सर्किल रेट का पुनरीक्षण नहीं हुआ है, वहां प्राथमिकता पर इस कार्रवाई को पूरा किए जाने पर फोकस किया जा रहा है। 1 जनवरी 2024 से अब तक प्रदेश के 37 जिलों में जमीनों के सर्किल रेट के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कुछ जिलों में पुनरीक्षण प्रक्रिया जारी है, वहीं अन्य जिलों में भी इसे जल्द ही शुरू किए जाने की योजना है।

उल्लेखनीय है कि जमीन के सर्किल रेट का पुनरीक्षण होने का सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिलता है। पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने पर कानून के अनुसार भूमि अधिग्रहण में किसानों को जमीन का सही मूल्य मिलने का मार्ग प्रशस्त होता है। यही कारण है कि योगी सरकार (Yogi Government) द्वारा प्रदेश में जारी विकासपरक कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए सभी जिलों में जमीनों के सर्किल रेट से जुड़ी पुनरीक्षण प्रक्रिया को पूरा करने पर फोकस किया जा रहा है।

जिलाधिकारी द्वारा न्यूनतम मूल्य का किया जाता है निर्धारण


उत्तर प्रदेश स्टाम्प (संपत्ति का मूल्यांकन) की द्वितीय संशोधन नियमावली – 2013 नियम 4(1) के अंतर्गत जिलाधिकारी द्वारा अगस्त के महीने में वार्षिक रूप से जिले के विभिन्न भागों में स्थित कृषि व अकृषक भूमि का न्यूनतम मूल्य प्रति हेक्टेयर/प्रति वर्गमीटर का दर निर्धारित किए जाने का उल्लेख है।

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आवश्यकता होने पर जिलाधिकारी द्वारा वर्ष के मध्य में भी सर्किल दर सूची का पुनरीक्षण का कार्य किया जा सकता है। ऐसे में, प्रदेश में 1 जनवरी 2024 से लेकर अब तक 37 जिलों में जमीनों के सर्किल रेट के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

गौतमबुद्ध नगर, आगरा व अलीगढ़ समेत कई जिलों में प्रक्रिया जारी


हाल ही में मुख्य सचिव के समक्ष हुई समीक्षा बैठक में इस विषय पर विचार-विमर्श किया गया था, जिसमें मुख्य सचिव द्वारा निर्णय लेते हुए पुनरीक्षण की कार्रवाई को तेजी से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया था। जिन जिलों में वर्षों से पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, उनमें लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, बागपत, इटावा, कन्नौज, हापुड़, बुलंदशहर, मेरठ, महाराजगंज, कुशीनगर, अयोध्या, अम्बेडकरनगर, एटा, कासगंज, मुजफ्फरनगर, बदायूं, झांसी, जालौन, ललितपुर, संत कबीरनगर, कौशाम्बी व प्रयागराज आदि प्रमुख हैं।

इन सभी जिलों में जल्द ही पुनरीक्षण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। वहीं शामली, सहारनपुर, मीरजापुर, अलीगढ़, बांदा, हमीरपुर, आगरा, सुल्तानपुर, अमेठी व गौतमबुद्ध नगर समेत कई जिलों में फिलहाल पुनरीक्षण की प्रक्रिया जारी है।

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