सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के लिए जड़ोजहद जारी, धारा 144लागू

सबरीमाला मंदिर

नई दिल्ली। केरल के सबरीमाला मंदिर में सुप्रीम कोर्ट द्वारा महिलाओं के प्रवेश की अनुमति के बाद बुधवार को पहली बार इसके कपाट खुले। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी यहां काफी हंगामा हुआ और हजारों महिलाओं ने मंदिर में प्रवेश की कोशिशें नाकाम रही। मंदिर के श्रद्धालुओं ने उन्हें रोका, वहां काफी मारपीट हुई और काफी हिंसा भी हुई। इसी मुद्दे पर आज कई संगठनों द्वारा केरल बंद का ऐलान किया गया है।

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इस सब के बीच भी बुधवार को महिलाएं मंदिर की सीढ़ियों तक पहुंच गई थीं। अब गुरुवार को कोशिश इससे भी आगे जाने की हो रही है। गुरुवार को न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्टर सुहासनी राज पंबा की पहाड़ियों से होते हुए मंदिर की तरफ पहुंचने की पूरी कोशिश कर रही थीं, लेकिन उन्हें लौटा दिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पत्तनमतिट्टा जिले में स्थित सबरीमला पहाड़ी पर जाने के तीनों मुख्य रास्तों पम्बा, निलक्कल और एरूमेली सहित विभिन्न जगहों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

साथ ही प्रदर्शनकारियों के गुस्से का सामना कुछ पत्रकारों को करना पड़ा, कई पत्रकारों को चोटें आई। उनके वाहनों पर भी हमले किए गए। हालात को बेकाबू देखते हुए प्रशासन ने चार स्थानों पंपा, निलक्कल, सान्नीधानम, एलावुंगल पर धारा 144 लगा दी गयी है।

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आपको बता दें की प्रदर्शनकारियों ने बताया की सबरीमाला के अयप्पा मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं को प्रवेश की इजाजत देना परंपरा के सख्त खिलाफ है। ध्यान रहे की सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल 28 सितंबर को इसे असंवैधानिक करार दिया था। शीर्ष अदालत ने कहा था कि लिंग के आधार पर भेदभाव किया जाना उचित नहीं है। वहीं मंदिर प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का विरोध कर रहा है।

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