• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

ताकि पराली न बने प्रदूषण का मुद्दा

Writer D by Writer D
23/08/2023
in उत्तर प्रदेश, लखनऊ
0
Stubble

Stubble

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ। यंत्रीकरण के बढ़ते चलन और श्रमिकों की अनुपलब्धता की वजह से अब फसलों की कटाई कंबाइन से ही होती है। खरीफ और रबी की प्रमुख फसल धान और गेहूं की कटाई के बाद अगली फसल की तैयारी के लिए इन फसलों के अवशेष (Stubble) जलाने की प्रथा आम है। इसके कारण, खासकर धान की कटाई के बाद मौसम में नमी के चलते यह समस्या कुछ इलाकों में गंभीर हो जाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi)  की सरकार इस समस्या का स्थायी हल निकालने के लिए शिद्दत से लगी है। इससे संबंधित योजनाएं जब तक अमल में आएं तब तक के लिए भी सरकार की यह मंशा है कि दंड, जागरूकता और अन्य संभव तरीकों से पराली (Stubble) जलाने से होने वाले प्रदूषण की समस्या को कम किया जाय। इसी क्रम में सरकार ने तय किया है कि वह धान की पराली को बायोकंपोस्ट में बदलने के लिए 17 लाख किसानों को बायो डीकंपोजर उपलब्ध कराएगी। इस बीच जागरूकता और अन्य अभियान भी जारी रहेंगे।

प्लांट लगाने वाले को मिलेंगी रियायतें

सरकार ने उत्तर प्रदेश राज्य जैव ऊर्जा नीति 2022 का जो ड्राफ्ट तैयार किया था उसके अनुसार वह कृषि अपशिष्ट आधारित बायो सीएनजी, सीबीजी (कंप्रेस्ड बायो गैस) इकाइयों को कई तरह के प्रोत्साहन देगी। मुख्यमंत्री पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि इस तरह की इकाइयां हर जिले में लगाई जाएंगी।

शीघ्र ही चालू होगा गोरखपुर का प्लांट

इस तरह का एक प्लांट करीब 160 करोड़ रुपये की लागत से इंडियन ऑयल गोरखपुर के दक्षिणांचल स्थित धुरियापार में लगा रहा है। उम्मीद है कि यह प्लांट मार्च 2023 तक चालू हो जाएगा। इसमें गेहूं-धान की पराली के साथ, धान की भूसी, गन्ने की पत्तियां और गोबर का उपयोग होगा। हर चीज का एक तय रेट होगा। इस तरह फसलों के ठूंठ के भी दाम मिलेंगे।

प्लांट के अलावा वहां तक कच्चे माल को पहुंचाने में भी मिलेगा रोजगार

प्लांट में मिले रोजगार के अलावा प्लांट की जरूरत के लिए कच्चे माल के एकत्रीकरण, लोडिंग, अनलोडिंग एवं ट्रांसपोर्टेशन के क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। सीएनजी एवं सीबीजी के उत्पादन के बाद जो कंपोस्ट खाद उपलब्ध होगी वह किसानों को सस्ते दामों पर उपलब्ध कराई जाएगी।

पराली (Stubble) जलाने के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता के लिए जारी रहेगा अभियान

इस बीच पराली (Stubble) जलाने के दुष्प्रभावों के प्रति किसानों को जागरूक करने के कार्यक्रम भी कृषि विज्ञान केंद्रों, किसान कल्याण केंद्रों के जरिये चलते रहेंगे।

पराली (Stubble) जलाने के क्या हैं दुष्प्रभाव

अगर आप कटाई के बाद धान की पराली जलाने की सोच रहे हैं तो रुकिए और सोचिए। आप सिर्फ खेत नहीं, उसके साथ अपनी किस्मत खाक करने जा रहे हैं। क्योंकि पराली के साथ फसल के लिए सर्वाधिक जरूरी पोषक तत्व नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश (एनपीके) के साथ अरबों की संख्या में भूमि के मित्र बैक्टीरिया और फफूंद भी जल जाते हैं। भूसे के रूप में पशुओं का हक तो मारा ही जाता है।

पराली (Stubble) में है पोषक तत्वों का खजाना

शोधों से साबित हुआ है कि बचे डंठलों में एनपीके की मात्रा क्रमश: 0.5, 0.6 और 1.5 फीसद होती है। जलाने की बजाए अगर खेत में ही इनकी कंपोस्टिंग कर दी जाय तो मिट्टी को यह खाद उपलब्ध हो जाएगी। इससे अगली फसल में करीब 25 फीसद उर्वरकों की बचत से खेती की लागत में इतनी ही कमी आएगी और लाभ इतना ही बढ़ जाएगा। भूमि के कार्बनिक तत्वों, बैक्टिरिया-फफूंद का बचना, पर्यावरण संरक्षण और ग्लोबल वार्मिग में कमी बोनस होगा। गोरखपुर एनवायरमेंटल एक्शन ग्रुप के एक अध्ययन के अनुसार प्रति एकड़ डंठल जलाने पर पोषक तत्वों के अलावा 400 किग्रा उपयोगी कार्बन, प्रतिग्राम मिट्टी में मौजूद 10-40 करोड़ बैक्टीरिया और 1-2 लाख फफूंद जल जाते हैं।

ये है मून मिशन चंद्रयान-3 के ‘हीरो’, जिनकी मेहनत से भारत ने रचा इतिहास

उप्र पशुधन विकास परिषद के पूर्व जोनल प्रबंधक डा. बीके सिंह के मुताबिक प्रति एकड़ डंठल से करीब 18 क्विंटल भूसा बनता है। सीजन में भूसे का प्रति क्विंटल दाम करीब 400 रुपए माना जाए तो डंठल के रूप में 7200 रुपये का भूसा नष्ट हो जाता है। बाद में यही चारा संकट का कारण बनता है।

फसल अवशेष के अन्य लाभ

-फसल अवशेष से ढकी मिट्टी का तापमान नम होने से इसमें सूक्ष्मजीवों की सक्रियता बढ़ जाती है,जो अगली फसल के लिए सूक्ष्म पोषक तत्व मुहैया कराते हैं।
– अवशेष से ढकी मिट्टी की नमी संरक्षित रहने से भूमि के जल धारण की क्षमता भी बढ़ती है। इससे सिंचाई में कम पानी लगने से इसकी लागत घटती है। साथ ही दुर्लभ जल भी बचता है।

आजमाएं ये विकल्प

डंठल जलाने के बजाय उसे गहरी जोताई कर खेत में पलट कर सिंचाई कर दें। शीघ्र सड़न के लिए सिंचाई के पहले प्रति एकड़ 5 किग्रा यूरिया का छिड़काव कर सकते हैं। इसके लिए कल्चर भी उपलब्ध हैं।

Tags: agriculture newsfarming newskrishi samacharLucknow Newsstubble burntYogi News
Previous Post

ये है मून मिशन चंद्रयान-3 के ‘हीरो’, जिनकी मेहनत से भारत ने रचा इतिहास

Next Post

Chandrayaan-3 की सफल लैंडिंग पर सीएम योगी ने दी देश को बधाई, कहा- हमने एक असंभव कार्य कर दिखाया

Writer D

Writer D

Related Posts

Degree Colleges
उत्तर प्रदेश

योगी सरकार में उच्च शिक्षा की नई उड़ान, यूनिवर्सिटीज की तर्ज पर अब डिग्री कॉलेजों को भी मिलेगी राष्ट्रीय रैंकिंग

11/05/2026
Rampur shines once again in CM dashboard ranking
उत्तर प्रदेश

सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में एक बार फिर चमका रामपुर, पूरे प्रदेश में मिला पहला स्थान

11/05/2026
CM Yogi
Main Slider

हमने पिछली सरकारों के गड्ढों को भरा, अब यूपी को बुलेट ट्रेन की स्पीड से आगे बढ़ाने की बारी: सीएम योगी

11/05/2026
Rooftop Solar
उत्तर प्रदेश

रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में यूपी का बड़ा रिकॉर्ड, लखनऊ देश में नंबर-1

11/05/2026
Maulana Shahabuddin Razvi
उत्तर प्रदेश

मुसलमान अब सपा के बहकावे में न आएं… अखिलेश यादव पर भड़के मौलाना रजवी

11/05/2026
Next Post
CM Yogi

Chandrayaan-3 की सफल लैंडिंग पर सीएम योगी ने दी देश को बधाई, कहा- हमने एक असंभव कार्य कर दिखाया

यह भी पढ़ें

असदुद्दीन ओवैसी

ओवैसी का कांग्रेस पर हमला, कहा- कांग्रेस अपनी गलतियों पर ध्यान नहीं देती, ऐसी ही रहा तो पार्टी खत्म हो जाएगी

12/11/2020
Siddharth Pithani Sushant Suicide

सुशांत केस में सिद्धार्थ पिठानी ने बताया, 14 जून का पूरा किस्सा

25/08/2020
Heavy Rain

15 जिलों में जारी हुआ भारी बारिश का अलर्ट, मिलेगी तेज गर्मी से राहत

18/08/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version